दो-तीन ऑपरेटरों के सहारे रीगा प्रखंडके सभी नलकूप
किसानों की प्रशासनसे राहत की मांग
रीगा : किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टिकोण सेलगभग चार दर्जन राजकीय नलकूप विभिन्न पंचायतों के गांवों में लगाये गये. सभी नलकूपों पर देखरेख एवं संचालन के लिए ऑपरेटर नियुक्त किया गया. राजकीय नलकूप 1970 से 1980 के बीच बड़े पैमाने पर ग्रामीण क्षेत्रों में लगाया गया. सभी को विद्युतसुविधा से लैस किया गया था, परंतु आज संसाधनों के अभाव में तीन दर्जन से अधिक राजकीय नलकूप खराब पड़े हैं.
ऑपरेटर के अवकाश प्राप्त होने के बाद में ऑपरेटर की नियुक्ति नहीं हुई. दो-तीन ऑपरेटर के बल पर सभी नलकूपों की देखभाल हो रही है. ग्रामीण रामाराम, श्री नारायण शाह, मिथिलेश बैठा व पवन कुमार झा समेत अन्य ने बताया कहीं मोटर तो कहीं लाइन नहीं है. कहीं नाला के अभाव में सिंचाई बाधित है.
प्रखंड क्षेत्र में पंछोर, बराही, कुशमारी व रामनगरा आदि गांवों के नलकूप से थोड़ी बहुत सिंचाई हो रही है. वहीं, रामपुर, रमनगरा, सिरौली व भगवानपुर के नलकूपों से सिचाई नहीं हो रही है. पुरानी धार नदी में एक दर्जन स्थानों पर लिफ्ट एरिगेशन लगाया गया था. पकड़ी गांव छोड़कर सभी लिफ्ट एरिगेशन बंद है. बंद लिफ्ट इरिगेशन में उफरौलिया, रामपुर उत्तरी, रामपुर दक्षिणी, बेला, सहवाजपुर, दोहरा, भगवानपुर, रेवासी व नजरपुर समेत अन्य गांव का नाम शामिल है, जबकि करोड़ों की लागत से इसका मरम्मत
हुआ था.
