15 िदनों में लगेंगे कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे

अब डीएम की नजर से नहीं बच पायेंगे अधिकारी व कर्मी सीतामढ़ी : अब वह दिन दूर नहीं जब डीएम अपने कार्यालय कक्ष से ही तमाम सरकारी कार्यालयों पर नजर रखेंगे. वे सीसीटीवी कैमरे की मदद से यह देख सकेंगे कि कौन अधिकारी व कर्मी किस समय कार्यालय पहुंचे और किस समय कार्यालय छोड़े. ऐसी […]

अब डीएम की नजर से नहीं बच पायेंगे अधिकारी व कर्मी

सीतामढ़ी : अब वह दिन दूर नहीं जब डीएम अपने कार्यालय कक्ष से ही तमाम सरकारी कार्यालयों पर नजर रखेंगे. वे सीसीटीवी कैमरे की मदद से यह देख सकेंगे कि कौन अधिकारी व कर्मी किस समय कार्यालय पहुंचे और किस समय कार्यालय छोड़े.
ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि डीएम कार्यालय से ही अनुमंडल, भूमि सुधार कार्यालय, प्रखंड, अंचल के साथ ही सीडीपीओ कार्यालय की हर गतिविधि पर पैनी नजर रख सकेंगे. इसके लिए डीएम के स्तर से तमाम अधिकारियों को पत्र भेज कर अपने कार्यालय में सीसीटीवी कैमरा लगाने का आदेश दिया गया है. 15 दिन के अंदर कार्यालयों को कैमरे से लैस कर लेने को कहा गया है. पत्र में कैमरा लगाने में किसी तरह की परेशानी होने पर जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी से संपर्क करने को कहा गया है.
अधिकारी व कर्मियों की परेशानी बढ़ी
विलंब से कार्यालय जाने एवं निर्धारित अवधि से पहले ही कार्यालय छोड़ देने वाले अधिकारी व कर्मियों के लिए डीएम का उक्त आदेश परेशानी का सबब बन सकता है. नियमित कार्यालय नहीं जाने वालों की भी अब परेशानी बढ़ जायेगी. उन्हें मजबूरी बस समय पर कार्यालय आना-जाना पड़ेगा. गौरतलब है कि प्रखंड स्तर के अधिकांश अधिकारी व कर्मी अपने हिसाब से ड्यूटी करते रहे है. यानी अपनी सुविधा के अनुसार कार्यालय आते-जाते रहे है. सीसीटीवी कैमरा लग जाने के बाद ऐसे अधिकारी व कर्मियों की मुश्किलें बढ़ जायेगी.
मुख्यालय में नहीं रहते है अधिकारी
प्रखंड स्तर के अधिकारियों को मुख्यालय में डेरा रखना है, लेकिन दर्जनों अधिकारी व कर्मी वहां न रह कर दूसरे जगह रहते है. ज्यादातर अधिकारी जिला मुख्यालय डुमरा व शहर में डेरा रखे हुए है.
वरीय अधिकारियों की हिदायत के बावजूद अधिकारी प्रखंड मुख्यालय में नहीं रह रहे है. गौरतलब है कि पूर्व में भी प्रभात खबर ने यह मामला उठाया था. तब पूर्व डीएम डॉ प्रतिमा ने प्रखंड स्तर के अधिकारियों को मुख्यालय में ही डेरा डालने आदेश दिया था, मगर उक्त आदेश बेअसर रहा.
सरकारी राशि का दुरुपयोग: बहुत से अधिकारी डुमरा व शहर से सरकारी गाड़ी से प्रखंड मुख्यालय स्थित कार्यालय आते-जाते है. आने-जाने में सरकारी वाहन में डीजल पर होने वाले खर्च की भरपाई कैसे की जाती होगी, का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है.
बोखड़ा में मॉडल प्रखंड कार्यालय के साथ ही अधिकारी व कर्मियों के लिए आवास बना हुआ है, पर एक-दो कर्मी को छोड़ एक भी अधिकारी व कर्मी वहां न रह कर पुपरी व अन्य जगहों पर रहते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >