मजहब की संपत्ति वक्फ के अंदर
सीतामढ़ी : शहर स्थित जदयू नेता आजम हुसैन के आवास पर शनिवार को बिहार शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन इरसाद अली आजाद पहुंचे. मो आजम ने ने श्री अली को गुलदस्ता व शॉल देकर स्वागत किया. इस दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुये चेयरमैन ने कहा कि मेरे आवाम एवं अन्य लोगों समेत पुलिस पदाधिकारियों को भी बहुत कम पता है कि मजहब से संबंधित मसजिद, दरगाह, ईदगाह, तजिया, मजार व कब्रिस्तान के नाम की जमीन वक्फ बोर्ड के अंदर हैं. वक्फ का राज्यस्तर पर एक बोर्ड है. जिसे वक्फ ट्रीब्यूनल कहा जाता है. इससे संबंधित किसी भी मामले का निबटारा वक्फ हीं करती है. इस मामले में किसी को भी दखल-अंदाजी करने का अधिकार नही है
. यहां तक की डीएम को भी यह अधिकार नही है. वक्फ से संबंधित किसी भी मामले के निबटारा के लिये सरकार को भी ट्रीब्यूनल में जाना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि बिना वजह लोग आपसी लड़ाई छोड़ कर कानूनी रूप में जाये. जिसके लिये स्पेशल कोर्ट है. उन्होंने बताया कि ऐसी घटना मुज्जफरपुर में हुई थी, जिसमें कोर्ट के आदेश पर 32 लोग जेल जा चुके है. कोर्ट में जाए, सरकार को बदनाम न करे. इसमें जमीन खरीदने वाले व बेचने वाले दोनों पर एक्ट के तहत स्थानीय थाना में एफआईआर दर्ज की जा सकती हैं. वक्फ के जमीन पर व्यावसायिक भवन के निर्माण के लिये बिहार सरकार ने 100 करोड़ रुपये दिये है. जिसका नोडल पदाधिकारी जिला के अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी को बनाया गया है. उन्होंने ने बोर्ड व अल्पसंख्यकों के संबंधित कई अन्य जानकारी भी दी. मौके पर अभिराम पांडे, सद्दाम हुसैन, मंसूर आलम, सोभाकांत चौधरी व उदयनारायण सिंह समेत अन्य मौजूद थे.
