डुमरा कोर्ट : प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश किशोर कुमार सिन्हा ने इजहारुल हक हत्याकांड में बुधवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद मामले चार आरोपितों को दोषी करार दिया है.
दोषी पाने वालों में नगर थाना क्षेत्र के हाथी बाजार मुसहरी टोल निवासी विलट पटेल के पुत्र संतोष पटेल, पुनौरा गांव निवासी शंकर महतो के पुत्र रंजीत महतो, बेलसंड थाना क्षेत्र के कंसार गांव निवासी राजेश साह एवं राघोपुर बखरी गांव निवासी जितेंद्र साह शामिल है. कोर्ट ने भादवि की धारा 302,120(बी) तथा 27 आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाते हुए सजा की बिंदु पर सुनवाई के लिए 13 दिसंबर की तारीख मुकर्रर की है. मामले में सरकार पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक ओसाक अहमद खां ने पक्ष रखा. वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता रामनरेश राय, मधुशंकर सिंह एवं कामेश्वर प्रसाद ने बहस की.
मालूम हो कि वर्ष 2013 में नगर थाना क्षेत्र के जानकी स्थान निवासी मोबिनुल हक ने अपने पुत्र इजहारुल हक की हत्या की बाबत प्राथमिकी दर्ज करायी थी. जिसमें कहा था कि उसका बेटा टेंपो चलाता था. वह जानकी स्थान स्टैंड से विभिन्न जगह जाता था. उसी क्रम में 21 नवंबर 2013 को वह घर से निकला.
बाद में खबर आयी कि उसे गोली मार दिया गया है जो विन्ही चौक के पास है. वह जाकर देखा तो तब तक वह जीवित था और उसे गोली लगी थी. साथ हीं खुखरी से उसके शरीर मे विभिन्न जगहों को गोदा गया था. इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के क्रम में उसकी मौत हो गयी.
घटना का कारण बताया है कि संतोष पटेल व जितेंद्र साह जानकी स्थान टेंपो स्टैंड में इंचार्ज था. जहां उक्त लोग उसके पुत्र से अवैध रूप से पैसे की मांग करता था. उसका पुत्र इसका विरोध करता था, जिसके कारण उक्त लोगों ने एक साजिश के तहत उसके पुत्र की हत्या कर दी.
वहीं अपनी गिरफ्तारी के बाद जितेंद्र साह व संतोष पटेल ने पुलिस के समक्ष अपना स्वीकारोक्ति बयान दिया कि जितेंद्र साह ने हत्या के लिए संतोष पटेल को 30 हजार की सुपारी दी जो 25 हजार में तय हुआ. जिसके उपरांत संतोष पटेल व अन्य ने इजहारुल से टेंपो भाड़ा कर ले जाकर हत्या कर दिया.
