डुमरा सीडीपीओ ऑफिस का हाल बेहाल
सीतामढ़ी : डुमरा बाल विकास परियोजना कार्यालय का हाल बेहाल है. कार्यालय में पदस्थापित पांच पर्यवेक्षिका, एक नाजिर, एक कंप्यूटर ऑपरेटर, एक आदेशपाल हैं, बावजूद परियोजना कार्यालय में आम जनता का काम नहीं हो रहा.
लोग नियत समय पर कार्यालय पहुंचते हैं और अधिकारी से लेकर कर्मी के इंतजार में घंटों बिताने के बाद कोसते हुए टूटे मन से निकल जाते हैं. सीडीपीओ श्वेता कुमारी की बैठक को लेकर अपनी व्यस्तता है. शुक्रवार को कार्यालय में कुछ ऐसा हीं नजारा देखने को मिला. सुबह 10.35 मिनट पर जब प्रभात खबर की टीम कार्यालय पहुंची तो न कर्मी का पता था और न हीं अधिकारी का. आधा पौन घंटा बीतने के बाद भी कार्यालय में कर्मचारियों का चेहरा नहीं दिख रहा था.
इसके कुछ देर बाद कार्यालय के बड़ा बाबू और एक पर्यवेक्षिका तो आयी. कंप्यूटर ऑपरेटर राजेश 11.20 बजे पहुंचे. लैपटॉप का बैग रखकर इधर-उधर टहलने के बाद 11. 45 से काम की शुरूआत की. और तो और कार्यालय परिचारी ऑफिस खोलने के बाद फोन पर लग गये और घंटों मोबाइल पर बात कर रहे थे. बात करते हुए बोल रहे थे की अरे यार अभी फ्री हैं, अभी तो कोई आया हीं नहीं मैडम भी नहीं आयीं आराम से धूप में बैठे हैं. इस बीच कुछ महिलाएं जरूरी कार्य के लिए हाथों में कागज लिए पहुंची. इधर-उधर भटकने के बाद कुछ तो चली गयीं वहीं बेरबास गांव निवासी सईदा खातुन कार्यालय के पास हीं खड़ी रही.
बताया कि बेटी के जन्म प्रमाण-पत्र में गड़बड़ी में सुधार के लिए पिछले चार दिन से यहां आ रही है. कर्मियो द्वारा बताया गया की मैडम नहीं है. गुरुवार को भी आये तो बताया गया की मैडम मीटिंग में है. आज दो घंटे से बैठे है, अभी तक मैडम नहीं आयी हैं.
कौन कितने बजे आया
पर्यवेक्षिका श्वेता सुप्रिया 12. 07 बजे
आशा कुमारी 12. 10 बजे
प्रतिभा 12. 13 बजे
सुनीता सिंह 12. 50 बजे
मुझे जानकारी नहीं है
आइसीडीएस के डीपीओ प्रेम प्रकाश ने बताया कि आज सीडीपीओ श्वेता कुमारी बैठक में व्यस्त थी, इस कारण वह अपने कार्यालय में नहीं थी. तीन दिन से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर कुछ व्यस्तता है और कर्मी किस परिस्थिति में इधर-उधर थे, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. वह सीडीपीओ से इस विषय पर बात करेंगे.
प्रेम प्रकाश, डीपीओ
