.. अंतत: पुलिस ने दर्ज की डकैती की प्राथमिकी

सीतामढ़ी : 18 घंटे तक डकैती के केस को लेकर उलझी परिहार थाने की पुलिस ने अंतत: केस दर्ज कर लिया. इस संबंध में परिहार थाना के सुक्की मुसहरनिया गांव निवासी जन वितरण प्रणाली विक्रेता (डीलर) रामचंद्र ठाकुर ने मंगलवार को हीं प्राथमिकी के लिए थाने में आवेदन दिया था. ठाकुर के आवेदन पर थाने […]

सीतामढ़ी : 18 घंटे तक डकैती के केस को लेकर उलझी परिहार थाने की पुलिस ने अंतत: केस दर्ज कर लिया. इस संबंध में परिहार थाना के सुक्की मुसहरनिया गांव निवासी जन वितरण प्रणाली विक्रेता (डीलर) रामचंद्र ठाकुर ने मंगलवार को हीं प्राथमिकी के लिए थाने में आवेदन दिया था.

ठाकुर के आवेदन पर थाने में भादवि की धारा 395 के तहत कांड संख्या-227/17 दर्ज कर लिया है. 28 नवंबर को डकैती की घटना के तिथि में हीं प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं. पुलिस अनुसंधान का मामला बता कर दो दिनों से खुद उलझन में पड़ी थी. वहीं पीड़ित पक्ष का कहना था कि 18 घंटे तक उनके आवेदन पर पुलिस अधिकारी ने कोई विचार ही नहीं किया. हालांकि थानेदार सुजीत कुमार चौधरी आवेदन के आलोक में ही घटना की तिथि में प्राथमिकी दर्ज करने की बात करते हैं.
जबकि गृहस्वामी का कहना है कि कल तक उन्हें प्राथमिकी दर्ज कर लिये जाने की कोई सूचना नहीं थी. बताते चले कि डकैती की घटना की जांच को लेकर सदर एसडीपीओ डॉ कुमार वीर धीरेंद्र बुधवार को सुक्की मुसहरनिया गांव का दौरा किया था. पीड़ित पक्ष का कहना है कि एसडीपीओ ने घटना की पूरी जानकारी ली तथा बयान दर्ज किया. सोमवार की रात डकैतों ने डीलर रामचंद्र ठाकुर के घर से भारी लूट को अंजाम दिया था. जिसमें 14 लाख के लगभग संपत्ति के लूटपाट करने की बात कही थी.
इसको लेकर ठाकुर ने अगले दिन हीं थाने में प्राथमिकी के लिए लिखित आवेदन दिया था. उक्त आवेदन पर के आलोक में थानेदार घटना को लेकर दूसरे पहलू पर भी जांच-पड़ताल में लगे थे. जिससे संशय की स्थिति बन गयी थी. स्पष्ट किया कि डकैती की घटना साक्ष्य से परे हैं.
डकैती की घटना को लेकर संशय
गृहस्वामी रामचंद्र ठाकुर का बयान तो दर्ज कर लिया गया है, लेकिन पुलिस को डकैती की घटना को लेकर संशय बना हुआ हैं. पुलिस का कहना है कि गृहस्वामी के परिवार के सदस्यों के बयान में विरोधाभास है. इस कारण डकैती की घटना को लेकर पुलिस का शक गहराता जा रहा हैं.
बुधवार की देर शाम बैक डेट में कांड अंकित करने की हो रही चर्चा
18 घंटे तक प्राथमिकी को लेकर उलझी रही परिहार पुलिस
28 नवंबर की तिथि में दर्ज हुआ केस
27 नवंबर की रात डकैतों ने डीलर व हसीब नट के घर की थी डकैती
आइजी के संज्ञान में भी आया डकैती का मामला
थानेदार ने कहा था, प्रेम-प्रसंग का मामला
थानेदार ने घटना को चोरी के साथ प्रेम-प्रसंग से भी जोड़कर देखा था. हालांकि पीड़ित पक्ष ने इस पर घोर आपत्ति जतायी थी. क्योंकि पुलिस के पास इससे संबंधित कोई ठोस प्रमाण नहीं था. आम तौर पर पुलिस की प्राथमिकी प्रथम सूचना रिपोर्ट होता है. पुलिस विभाग में स्पष्ट है कि पीड़ित पक्ष को प्रथम सूचना रिपोर्ट के तहत प्राथमिकी का अधिकार है. उसके तहत वरीय पुलिस अधिकारियों का भी निर्देश है कि घटना के फौरन बाद प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान करे.
बावजूद परिहार के सुक्की मुसहरनिया में डीलर के अलावा हकीम हसीब नट के घर हुई डकैती की घटना को डकैती मानने को पुलिस क्यों नहीं तैयार थी? मालूम हो कि डकैती का उक्त मामला देर शाम मुजफ्फरपुर क्षेत्र के आइजी सुनील कुमार के भी संज्ञान में दिया गया.
घटना संदेहास्पद
थानाध्यक्ष सुजीत कुमार चौधरी का कहना है कि घटना संदेहास्पद है. जांच में पहुंचे सदर डीएसपी के सामने कई तथ्य उभर कर सामने आये हैं. पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच-पड़ताल कर रही है.
सुजीत कुमार चौधरी, थानाध्यक्ष

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