सीतामढ़ी : उच्च न्यायालय, पटना से रोक लगने के बाद जिले में एक दिसंबर से बालू मिलने की संभावना समाप्त हो गयी है. विभाग के स्पष्ट मार्गदर्शन नहीं मिल सकने के कारण एक भी आवेदक को बालू बेचने का लाइसेंस नहीं दिया गया हैं. इसकी पुष्टि करते हुए जिला खनन पदाधिकारी कमल किशोर शरण ने बताया कि पुराने व नये नियमावली में काफी अंतर हैं.
पुराने नियमावली से आवेदक से 5 हजार का बैंक ड्राफ्ट लेना हैं, जबकि नये नियमावली के अनुसार 30 हजार रुपया का बैंक ड्राफ्ट लेना हैं. इस कारण विभाग या वरीय अधिकारियों से स्पष्ट मार्गदर्शन मिलने तक लाइसेंस देने की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकती.
