सीतामढ़ी : रीगा चीनी मिल में 2017-18 का पेराई सत्र शुरू नहीं होने व किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान की बकाया राशि का मामला मंगलवार को स्थानीय विधान पार्षद दिलीप राय ने उठाया. उन्होंने किसानों के हित की बात को सामने रखते हुए पूछा कि क्या यह सही है कि उत्तर बिहार के रीगा चीनी मिल प्रबंधन अभी तक विगत पेराई सत्र 2016-17 के गन्ना मूल्य के बकाये का 22 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया है?
बकाया गन्ना मूल्य को लेकर विप में गूंजा रीगा चीनी मिल का मामला
सीतामढ़ी : रीगा चीनी मिल में 2017-18 का पेराई सत्र शुरू नहीं होने व किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान की बकाया राशि का मामला मंगलवार को स्थानीय विधान पार्षद दिलीप राय ने उठाया. उन्होंने किसानों के हित की बात को सामने रखते हुए पूछा कि क्या यह सही है कि उत्तर बिहार के रीगा चीनी […]

श्री राय ने यह भी पूछा कि क्या यह सही है कि चीनी मिल के चीनी, छोआ व स्पिरिट की बिक्री कर किसानों के खाते में पैसा जमा नहीं किया जाता है और किसानों का
बकाया गन्ना मूल्य
काफी पैसा लगातार बकाया रख दिया जाता है. श्री राय ने पूछा कि यदि उनका उत्तर सकारात्मक है, तो सरकार किसानों को सूद सहित अद्यतन भुगतान कराना चाहती है और चीनी मिल प्रबंधन की ओर से बेची गयी चीनी, छोआ व स्पिरिट की बिक्री रिसीवर के माध्यम से करा कर किसानों के खाते में सीधा पैसा जमा करवाना चाहती है? यदि हां तो कब तक?
विधान पार्षद दिलीप राय ने उठाया मुद्दा
मिल के खिलाफ दायर
हो चुका है नीलामवाद
विधान पार्षद श्री राय के सवाल के जवाब में गन्ना उद्योग विभाग के मंत्री खुर्शी उर्फ फिरोज अहमद ने बताया कि पेराई सत्र 2016-17 के बकाये 1057.41 लाख रुपये का भुगतान कराने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. बकाया राशि की वसूली के लिए जिला नीलामवाद पदाधिकारी, सीतामढ़ी के न्यायालय में दो निलाम पत्र भी दायर किये गये हैं, जो सुनवाई की प्रक्रिया में हैं. दोनों नीलाम पत्र का त्वरित निष्पादन करवाते हुए बकाये गन्ना मूल्य की राशि की वसूली के लिए विभागीय पत्र संख्या 55/सीसी दिनांक 24 नवंबर 2017 के माध्यम से जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी को निर्देश दिया गया है.