सवा तीन घंटे में 588 मरीजों का इलाज

पांच तस्वीरों में कैद अस्पताल का सच. चिकित्सकों व कर्मियों की लेटलतीफी से पटरी से उतरी व्यवस्था सीतामढ़ी : संसाधन, चिकित्सक व कर्मियों के अभाव में सदर अस्पताल में इलाज के नाम पर खानापूर्ति हो रही है. अस्पताल में आनेवाले मरीजों को चिकित्सकों की ओर से मिलने वाले समय से यही सच सामने आता हैं. […]

पांच तस्वीरों में कैद अस्पताल का सच. चिकित्सकों व कर्मियों की लेटलतीफी से पटरी से उतरी व्यवस्था

सीतामढ़ी : संसाधन, चिकित्सक व कर्मियों के अभाव में सदर अस्पताल में इलाज के नाम पर खानापूर्ति हो रही है. अस्पताल में आनेवाले मरीजों को चिकित्सकों की ओर से मिलने वाले समय से यही सच सामने आता हैं.
आंकड़े बताते है कि औसतन एक मिनट में चिकित्सक तीन मरीज की बीमारी पकड़ कर दवा भी लिख डालते हैं. चाहे बीमारी छोटी हो या बड़ी. औसतन सभी मरीजों को यही वक्त मिल पाता हैं. सदर अस्पताल में पांच अलग-अलग चिकित्सकों की टीम ने सवा तीन घंटे में कुल 588 मरीजों का मर्ज समझा, और दर्द की दवा पर्ची पर लिख दी.
महिला रोग विशेषज्ञ ने सवा तीन घंटे में 141, हड्डी रोग विशेषज्ञ ने 3 घंटा 13 मिनट में 74, फिजिसियन चिकित्सक ने तीन घंटा 10 मिनट में 257, शिशु रोग विशेषज्ञ ने 1.13 मिनट में 127 व डेंटल सर्जन ने सवा तीन घंटे में 22 मरीज देखे. जबकि इस अवधि में जांच घर में 200 मरीजों के खून, शौच व मूत्र के सैंपल लिये गये.
सीतामढ़ी : सदर अस्पताल में बुधवार को तमाम सेवाएं सवा एक से पौने दो घंटे विलंब से खुली. बुधवार को प्रभात खबर टीम के सदर अस्पताल में पहुंचने व कैमरे का फ्लैश चमकने के बाद सदर अस्पताल की व्यवस्था जागी और आनन फानन में कमरों में लटके ताले फटाफट खुलने लगे. यहां तक की 24 घंटे चलने वाली इमरजेंसी कक्ष में भी ताला लटका रहा. इमरजेंसी कक्ष डेढ़ घंटे बाद खुला. वहीं जांच घर का ताला एक घंटा 7 मिनट बाद खुला. हालांकि निबंधन कक्ष खुला था.
जहां मरीज कतारबद्ध होकर पर्ची कटवाते व चिकित्सक का इंतजार करते नजर आये. इस दौरान कुल 277 महिला व 311 पुरुष समेत 588 मरीजों का निबंधन किया गया. इनमें 200 मरीजों को पैथोलॉजिकल जांच के लिए भेजा गया.
सामने आयी व्यवस्था की बदहाली की तस्वीरें: सीतामढ़ी : सुबह नौ बजे दमा रोगी को ठेले पर लाद कर उसके परिजन बथनाहा से सदर अस्पताल पहुंचे थे. पर्ची भी परिजनों ने कटवायी. लेकिन चिकित्सक नहीं थे. परिजन मरीज को ठेले पर रख कर अस्पताल परिसर में भटकते रहे, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले. जबकि मरीज का हांफते-हांफते बुरा हाल था. आखिरकार मायूस होकर परिजन चिकित्सक व सरकार को कोसते हुए मरीज को ठेले पर लाद कर अन्यत्र निकल गये. उधर, सदर अस्पताल में
लंबी कतार में लग कर पर्ची कटवाने के बाद मरीज घंटों चिकित्सक का इंतजार करते व व्यवस्था पर रोष जताते नजर आये.
कौन डॉक्टर पहुंचे कितने बजे
बुधवार को सवा घंटे देर से पहुंचे चिकित्सक व कर्मी
कैमरे में कैद हुई कई अजीबोगरीब तस्वीर
ठेला पर इलाज के लिए पहुंचा बथनाहा का मरीज बैरंग लौटा
सवा घंटे विलंब से आयी महिला चिकित्सक,
1.35 मिनट विलंब से हड्डी रोग विशेषज्ञ
1.40 मिनट विलंब से पहुंचे फिजिसियन चिकित्सक
1.45 मिनट विलंब से डेंटल चिकित्सक
1.47 मिनट विलंब से पहुंचे शिशु रोग विशेषज्ञ
एक घंटा सात मिनट बाद खुला जांच घर का ताला
कितने देर से खुला कौन विभाग
सेवा कमरा नंबर खुलने का समय खुला कब
जांच घर 14 8 बजे सुबह 9.07 बजे सुबह
महिला रोग 4 8 बजे सुबह 9.15 बजे सुबह
हड्डी रोग 6 8 बजे सुबह 9.35 बजे सुबह
फिजिसियन 9 8 बजे सुबह 9.40 बजे सुबह
डेंटल 17 8 बजे सुबह 9.45 बजे सुबह
शिशु रोग 18 8 बजे सुबह 9.47 बजे सुबह
इमरजेंसी 24 घंटे डेढ़ घंटे तक रहा बंद
सवा तीन घंटे में पांच चिकित्सकों ने देखे 588 मरीज
बोले उपाधीक्षक
‘ सदर अस्पताल की व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है. चिकित्सक व कर्मियों को कार्यशैली में सुधार लाने व तय समय पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है. साथ ही कार्यशैली में सुधार की चेतावनी दी गयी है, कार्यशैली में सुधार नहीं आया तो कार्रवाई की जायेगी’.
डॉ केपी देव, प्रभारी अस्पताल उपाधीक्षक, सदर अस्पताल सीतामढ़ी.
बोले अस्पताल प्रबंधक
‘ चिकित्सक व कर्मियों को ससमय अस्पताल में पहुंचने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा ड्रेस कोड के पालन का भी आदेश दिया गया है. अगर चिकित्सक व कर्मी कार्यशैली में सुधार नहीं लाते है तो कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को लिखा जायेगा.
मनोज कुमार, प्रबंधक, सदर अस्पताल, सीतामढ़ी.

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