जांच. डीएम के निर्देश पर एमओ की जांच में हुआ मामले का खुलासा
एजीएम के खिलाफ प्राथमिकी का आदेश
सोनबरसा में सरकारी अनाज की कालाबाजारी सालों से है जारी
सोनबरसा (सीतामढ़ी) : सोनबरसा में एक बार फिर सरकारी अनाज की कालाबाजारी का मामला सामने आया है. ताजा मामले में लाखों के अनाज का हेराफेरी उजागर हुआ है.
डीएम के निर्देश व एसडीओ सदर के आदेश पर बथनाहा एमओ मंजय कुमार द्वारा प्रखंड मुख्यालय स्थित एसएफसी गोदाम के निरीक्षण में घोटाला उजागर होने के बाद एसडीओ सदर सतेंद्र प्रसाद ने गोदाम के प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी का आदेश दिया है. बथनाहा एमओ द्वारा प्राथमिकी की प्रक्रिया जारी है. बताया गया है कि सोनबरसा प्रखंड मुख्यालय स्थित राज्य खाद्य निगम के गोदाम में कालाबाजारी के लिए बड़ी मात्रा में अनाज रखे जाने की सूचना डीएम को दी गयी थी.
इसके आलोक में डीएम ने एसडीओ को कार्रवाई का आदेश दिया. एसडीओ सदर ने बथनाहा एमओ मंजय कुमार को जांच का आदेश दिया. इसके बाद मंजय कुमार ने सोमवार को सोनबरसा पहुंच कर गोदाम की जांच की. जहां 643 बोरा अनाज का अंतर पाया गया.
जांच में पाया गया की पंजी में दर्ज मात्रा से गोदाम में 247 बोरा गेहूं अधिक है. जबकि पंजी में दर्ज मात्रा से 396 बोरा चावल कम पाया गया. सहायक गोदाम प्रबंधक उदय शंकर अकेला द्वारा इस बाबत स्पष्ट जानकारी भी नहीं दिया गया. इसके बाद बथनाहा एमओ ने एसडीओ सदर को रिपोर्ट सौंप दिया है. उधर, एसडीओ सदर ने बताया की प्रथम दृष्टया में कालाबाजारी मामला प्रकाश में आया है. दोषी गोदाम प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है.
बताते चले की सोनबरसा में सरकारी अनाज की कालाबाजारी व गबन का यह कोई नया मामला नहीं है. पिछले साल 19 अक्तूबर को दो हजार बोरा अनाज के अनियमितता का मामला सामने आया था. जिसमें तत्कालीन सहायक गोदाम प्रबंधक, आइटी मैनेजर व सहायक लेखा प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.
जांच
पंजी में दर्ज मात्रा से गोदाम में 247 बोरा गेहूं अधिक पाया गया
पिछले 19 अक्तूबर को दो हजार बोरा अनाज की अनियमितता का आया था मामला
