सीतामढ़ी/डुमरा : इलाज के दौरान किसी कारणवश हुई घटना की वजह से चिकित्सकों पर हमले, मारपीट एवं क्लिनिक में तोड़फोड़ की घटनाएं आम हो गयी है. जिले भर के डॉक्टरों को खुद के सुरक्षा की चिंता सताने लगी है. हालांकि इन डॉक्टरों को जिला प्रशासन पर पूरा भरोसा है. बावजूद निजी सुरक्षा कंपनी के साथ मिल कर डॉक्टरों ने एक सुरक्षा बलों की टीम को तैयार किया है. ‘सीतामढ़ी डॉक्टर्स सिक्यूरिटी फोर्स’ नाम का उक्त सुरक्षा संगठन अब डॉक्टरों की हिफाजत करेगा.
इसमें लगभग 35 पूर्व सैनिकों को शामिल किया गया है. क्लिनिक पर किसी भी तरह का हंगामा होने पर व असामाजिक तत्वों की सूचना मिलते हीं फौरन वह दस्ता पहुंच कर किसी भी माहौल को नियंत्रित कर सकेगा. इस सुविधा में शहर के लगभग सभी चिकित्सक शामिल हैं. मालूम हो कि इस प्रकार की सुविधा से मुजफ्फरपुर के डॉक्टर्स पहले से लैस हैं. कैच सिक्योरिटी सर्विस के माध्यम से यह सुविधा ली जा रही है. शुक्रवार को डुमरा रोड नाहर चौक स्थित मन्नत नर्सिंग होम में पत्रकारों को इसकी जानकारी देते हुए एसडीएसएफ के कन्वेनर डॉ संजय कुमार वर्मा ने बताया कि नौ अक्तूबर से यह कार्य करने लगेगा.
रात में भी सिक्योरिटी सर्विस अपना काम करेगी. जिससे शहर के चिकित्सक मरीजो की सेवा भय मुक्त होकर कर सकेंगे. उन्होंने बताया कि चिकित्सा के दौरान छोटी-छोटी बातों को लेकर उत्पन्न विवादों से डॉक्टर असहज महसूस कर रहे थे. वैसे प्रशासन का सहयोग मिलता रहा है. डॉ जयशंकर प्रसाद ने कहा कि संस्थान के द्वारा लिये गये इस निर्णय पर सभी डॉक्टरों का आर्थिक व नैतिक समर्थन प्राप्त है. मौके पर डॉ सोनी कुमारी वर्मा, डॉ सुरेश कुमार भावसिंका समेत अन्य लोग मौजूद थे.
