सीने पर कलश रख पूजा में लीन दिव्यांग

बैरगनिया : प्रखंड के पचटकी राम गांव के मेन चौक पर निर्मित दुर्गा प्रतिमा पूजा पंडाल में पिछले सोमवार से एक नेत्रहीन युवक अपने सीने पर कलश रख कर माता रानी की आराधना में लीन हैं. वह इस हठयोग में 24 घंटे निराहार रह कर मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं. आराधना में लीन […]

बैरगनिया : प्रखंड के पचटकी राम गांव के मेन चौक पर निर्मित दुर्गा प्रतिमा पूजा पंडाल में पिछले सोमवार से एक नेत्रहीन युवक अपने सीने पर कलश रख कर माता रानी की आराधना में लीन हैं. वह इस हठयोग में 24 घंटे निराहार रह कर मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं.

आराधना में लीन पचटकी राम वार्ड नंबर चार निवासी बिगन सहनी (25) के पिता रामाधार सहनी व माता राम कुमारी देवी ने बताया कि वर्ष 2001 में आठ वर्ष की उम्र में ही उसके पांच पुत्रों में सबसे बड़े बिगन सहनी के दोनो आंखों की रौशनी अचानक चली गयी.
बेटे के नयन से अचानक ज्योति चले जाने के बाद उसके माता-पिता भारत व नेपाल के सभी छोटे बड़े नेत्र अस्पतालों का चक्कर लगाया, उसके आंखों की ज्योति नहीं लौटी. कई तांत्रिकों से भी झाड़- फूंक कराया, पर कोई फायदा नहीं हुआ. इस बार बिगन सहनी ने थक हार कर निर्णय लिया कि वह माता रानी के शरण में जायेगा.
बोखड़ा : प्रखंड के विभिन्न पूजा स्थलों पर बुधवार को विधिवत पूजा- अर्चना के साथ ही मां दुर्गा का पट खोला गया. पट खुलते ही दर्शन करने वालों की भीड़ लगने लगी. चकौत दुर्गा पूजा के अध्यक्ष नागेंद्र मिश्र व सचिव चंद्रमोहन ठाकुर ने बताया कि यहां वर्ष 1924 से ही पूजा होती है. तीन जिले के श्रद्धालु यहां दर्शन को आते हैं. वहीं, 1984 से हो रहे दुर्गा पूजा सेवा समिति खड़का के अध्यक्ष सोमनाथ झा, सचिव दिलीप कुमार, कोषाध्यक रंजीत नाथ ने बताया कि यहां मन्नत पूरा होने पर मूर्ति बनाने की प्रथा है. वर्ष 2039 तक बुकिंग फूल हो चुका है.
यहां घी से अखंड दीप जला कर पूजा करने की प्रथा है. वहीं, बनोल पूजा समिति के अध्यक्ष सिकंदर यादव व सचिव संजय कुमार ने बताया कि पूरे प्रखंड में शांति की प्रतीक माने जाने वाले इस पूजा कमिति को जिला प्रशासन की ओर से पुरस्कृत किया जा चुका है. इधर, दुर्गा पूजा समिति, भाउर की ओर से बनवाया गया पूजा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
पुपरी : नगर स्थित साकेतवासी बाबा नथुनी दास कुटी हनुमान बाग परिसर से गाजे-बाजे के साथ कलश शोभायात्रा निकाली गयी, जिसमें शामिल करीब 1100 कुंवारी कन्याएं महेश्वर गिरि, रामचरित्र दास, जयजय गिरि, सुरेश दास, विजय कुमार साह उर्फ मदन साह के नेतृत्व में कलश में जल भर कर पुन: पूजा स्थल पहुंची.
विधि व्यवस्था के मद्देनजर दारोगा अरुणजय, सदानंद यादव, सशस्त्र बलों व महिला पुलिस के साथ तैनात थे.इधर, बेल तोड़ने के लिए बुधवार को नगर के स्टेशन चौक दुर्गा पूजा समिति, हनुमान बाग स्थित कुटी दुर्गा पूजा समिति, हरदिया गांव स्थित दुर्गा पूजा समिति, द्वारा कलश शोभायात्रा निकाली गयी.
सुरसंड : स्थानीय बाबा गरीबनाथ परिसर स्थित पूजा मंडप से बुधवार को श्री दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में गाजे-बाजे के साथ बेल तोड़ी को ले 251 सुहागन महिलाओं द्वारा भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गयी. कलश यात्रा में शामिल सुहागन महिलाएं निर्धारित मार्ग से होते हुए ऐतिहासिक बूढ़ा पोखर पहुंची, जहां आचार्य के वैदिक मंत्रोच्चारण के बाद बेल तोड़ी का कार्यक्रम संपन्न हुआ. तत्पश्चात सुहागनों ने कलश में जल भर कर पुनः पूजा स्थल पर पहुंची.

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