एकलव्य सुपर-50 के साथ मिल होनहारों को तराशेंगे माधव

सीतामढ़ी : अब गरीब बच्चे भी डॉक्टर-इंजीनियर बन सकते हैं, बशर्ते कि उनमें प्रतिभा हो. समाज के किसी भी वर्ग के प्रतिभावान छात्र जिनमें टैलेंट है, पर गरीबी की वजह से उनका सपना टूट जाता है, उनके सपनों को साकार करने के साथ उनके जीवन में खुशी का रंग भरने के लिए एकलव्य सुपर-50 व […]

सीतामढ़ी : अब गरीब बच्चे भी डॉक्टर-इंजीनियर बन सकते हैं, बशर्ते कि उनमें प्रतिभा हो. समाज के किसी भी वर्ग के प्रतिभावान छात्र जिनमें टैलेंट है, पर गरीबी की वजह से उनका सपना टूट जाता है, उनके सपनों को साकार करने के साथ उनके जीवन में खुशी का रंग भरने के लिए एकलव्य सुपर-50 व विश्व मानव जागरण मंच ने साथ एक बड़ी पहल शुरू कर दी है. कई सालों से गुदरी का लाल तलाश उनकी प्रतिभा को तराश डॉक्टर व इंजीनियर बनाने की मुहिम में लगे आयकर आयुक्त रामबाबू गुप्ता को अब विश्व मानव जागरण मंच व समाजसेवी माधव चौधरी का साथ मिला है.

श्री चौधरी एकलव्य सुपर-50 के साथ मिलकर गरीब व मेधावी छात्र चाहे वह किसी वर्ग के हों के मेडिकल व इंजीनियरिंग की तैयारी का पूरा खर्च उठायेंगे. वहीं आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़े मेधावी बच्चों के जीवन में रंग भरेंगे. इसकी शुरुआत मंगलवार को मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के साथ ही शुरू हो जायेगा. इसके तहत मैट्रिक परीक्षा में सफल व टॉप-100 में जगह बनानेवाले बच्चों का स्क्रीनिंग टेस्ट लिया जायेगा. इसके बाद मेडिकल व इंजीनियरिंग के लिए अलग-अलग 50 बच्चों का चयन किया जायेगा.

जिन्हें पटना स्थित एकलव्य सुपर-50 में मुफ्त आवासीय व्यवस्था दी जायेगी. पटना की दो बड़े कोचिंग संस्थान इन बच्चों को एकेडमिक स्टडी मेटेरियल डोनेट करेंगी. 35 हजार रुपये मूल्य की पाठ्य सामग्री व कोचिंग संस्था मुफ्त उपलब्ध करायेगी. कुछ किताबें व भोजन का खर्च बच्चों को खुद उठाना होगा. हालांकि वैसे मेधावी बच्चे जिनके अभिभावक खाना का खर्च भी वहन नहीं कर सकते, उनके लिए भी संस्था अगल से वैकल्पिक व्यवस्था कर सकती है.

सोमवार को थाना रोड स्थित होटल शिव सूर्या के कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रेसवार्ता में विश्व मानव जागरण मंच के संरक्षक माधव चौधरी व हरियाणा से आये संजय ब्रह्मचारी उर्फ महाराज जी ने जहां शिक्षा के क्षेत्र में एकलव्य सुपर-50 द्वारा चलाये जा रहा अभियान पर चर्चा की, वहीं आयकर आयुक्त सह एकलव्य सुपर-50 के संस्थापक रामबाबू गुप्ता के शिक्षा को ले मुहिम की सराहना की. कहा कि एकलव्य सुपर-50 ने गरीब वर्ग के मेधावी बच्चों की प्रतिभा को तराशा है. आज पटना स्थित एकलव्य सुपर-50 में दस राज्यों के 12 हजार से अधिक बच्चे मुफ्त पढ़ाई कर रहे है. साल 2014 में मैट्रिक के टाॅप टेन में आनेवाले पांच बच्चे एकलव्य सुपर-50 के हीं थे.

पांचों बेहद गरीब वर्ग के थे. बाद में इन बच्चों को पटना स्थित एकलव्य सुपर-50 में इंजीनियरिंग की तैयारी करायी गयी. वर्तमान में पांचों बच्चे आइआइटी की पढ़ाई कर रहे है. कुछ समय बाद इंजीनियर बन कर देश की सेवा करेंगे. श्री चौधरी ने कहा कि हम सामाजिक व आर्थिक स्तर पर पिछड़े लेकिन शैक्षणिक स्तर पर मजबूत बच्चों का चयन पर उन्हें डॉक्टर व इंजीनियर बनाने के प्रति संकल्पित है. कहा कि मंगलवार को परीक्षा परिणाम जारी होने के साथ ही जिले के टॉप-100 में आये बच्चे अंक पत्र की छाया प्रति लेकर सीतामढ़ी शहर के मेला रोड स्थित एकलव्य सुपर-50 के कार्यालय में संपर्क करें. वहां उन्हें तमाम जानकारी मिल जायेगी. एकलव्य सुपर-50 के कार्यालय के नंबर 9430955455 पर भी संपर्क कर सकते हैं.

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