सीतामढ़ी : बैरगनिया में हीं नहीं हाल के वर्षों में अपराध के जितने भी बड़े मामले सामने आये हैं, उसमें सीतामढ़ी जेल का कनेक्शन सामने आया है. जेल में बंद अपराध जगत के आका जेल के भीतर से हीं जिले के अपराध का खाका तैयार कर रहे है. जेल के भीतर से हीं रंगदारी, अपहरण व लूट की घटनाओं की मॉनीटरिंग हो रहीं है.
जेल में बंद शातिर बाहर रह रहे अपने गुर्गों की मदद से अपराध को अंजाम दिलाने में लगे है. इनमें सर्वाधिक वारदात रंगदारी के है. जेल के भीतर से हीं बदमाश कॉल कर व्यवसायी, निर्माण एजेंसियों व पूंजीपतियों से रंगदारी मांग हीं नहीं रहे है, गुर्गों की मदद से वसूल भी रहे है. रंगदारी नहीं देने पर फायरिंग, बम विस्फोट व हत्या की भी वारदात को अंजाम दे रहे है.
बैरगनिया में अब तक जितने भी रंगदारी के मामले सामने आये है उनमें अधिकांश जेल से हीं जुड़े है. रंगदारों के रास्ते का कांटा बने राजा बाबू की हत्या की साजिश भी जेल में हीं रची गयी थी. जेल से हीं कई व्यवसायियों को कॉल कर रंगदारी भी मांगी गयी है. जेल से अपराधियों का अपराध कनेक्शन व जेल से जारी सेल के इस खेल में जेल प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है. सवाल उठता है कि जेल में बंद बदमाशों के पास मोबाइल कैसे पहुंच रहा है.
