डॉक्टरों की मजबूरी है रेफर करना
सीतामढ़ी : सदर अस्पताल में दवाओं की किल्लत गरीब मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन गयी है. न केवल ओपीडी, बल्कि इमरजेंसी में भी दवाओं का अभाव है. लिहाजा सदर अस्पताल में इलाज को आये गरीब मरीज दुआओं के सहारे रह गये है.
गरीबों को जहां खुले बाजार से दवा खरीदने की मजबूरी है, वहीं महत्वपूर्ण दवाओं की कमी के चलते चिकित्सक भी मरीजों को रेफर करने को मजबूर है. भीषण गरमी के इस मौसम में एक ओर जहां रोगों का प्रसार बढ़ रहा है, वहीं लोग लगातार बीमार पड़ रहे है. इसके चलते सदर अस्पताल में रोजाना मरीजों की भीड़ उमड़ रहीं है. आम तौर पर रोजाना सदर अस्पताल में 200 से 300 मरीज इलाज को पहुंचते रहे है, जबकि वर्तमान में मरीजों की संख्या बढ़ कर 400 से 500 हो गयी है. लेकिन दवाओं की उपलब्धता नहीं है.
इसके चलते न केवल मरीज परेशान है, चिकित्सक व कर्मी भी परेशान है. दवा नहीं मिलने से नाराज मरीज के परिजन अस्पताल में हंगामा कर रहे है. वहीं चिकित्सक व कर्मियों को आक्रोश का भी सामना करना पड़ रहा है. सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में 19 में से महज दो-तीन दवाएं ही उपलब्ध है. मामूली डिस्पोजेबुल सीरिंज तक उपलब्ध नहीं है. चिकित्सक द्वारा लिखी गयी पर्ची की सारी दवाएं बाहर से खरीदने की मजबूरी है.
सदर अस्पताल में दवाओं की कमी के चलते अब मरीजों को रेफर करना चिकित्सकों की मजबूरी बन गयी है. दवाओं के अभाव में पिछले पांच दिनों में सदर अस्पताल से एक दर्जन मरीजों को रेफर कर दिया गया है. सदर अस्पताल के स्टॉक इंचार्ज उमा शंकर प्रसाद ने बताया की छह जून से दवाओं का अभाव है. दवाओं के लिए सीएस कार्यालय को पत्र भेजा गया है, लेकिन दवा नहीं उपलब्ध करायी जा सकी है.
मरीजों को खुले बाजार से खरीदनी पड़ती हैं दवाएं
चिकित्सकों की कमी से भी जूझ रहा अस्पताल
गरीब मरीजों को परेशानी
