शेखपुरा में छात्रों के बायोमेट्रिक से फर्जी फिनो खाते खुलवाने का खुलासा, दो गिरफ्तार, 21 ब्लैंक एटीएम बरामद

शेखपुरा में छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड और बायोमेट्रिक पहचान का दुरुपयोग कर फिनो पेमेंट बैंक में फर्जी खाते खोलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 21 ब्लैंक एटीएम कार्ड बरामद किए हैं.

Sheikhpura Cyber Crime : छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड और बायोमेट्रिक पहचान का दुरुपयोग कर फिनो पेमेंट बैंक में फर्जी खाते खुलवाने और उन खातों का इस्तेमाल संदिग्ध लेनदेन के लिए करने के मामले का मिशन थाना पुलिस ने खुलासा किया है.

पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बरबीघा नगर क्षेत्र के गंजपर मोहल्ला निवासी अरविंद साव के 22 वर्षीय पुत्र रवि कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि मुख्य आरोपी की निशानदेही और अनुसंधान के आधार पर मामले का मास्टरमाइंड तथा मालदह गांव निवासी शंभू साहू के पुत्र साहिल कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, बिना सिम का पोर्टेबल डिवाइस सहित फिनो पेमेंट बैंक के 21 ब्लैंक एटीएम कार्ड बरामद भी किए हैं.

इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अनुमंडल पुलिस प्राधिकारी डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि बीते 05 अगस्त को मिशन थाना में गंजपर मोहल्ला निवासी कमलेश कुमार गुप्ता की पुत्री शिवानी कुमारी के द्वारा लाइब्रेरी की आड़ में छात्र-छात्राओं का फिनो पेमेंट्स बैंक में फर्जी खाता खोलकर साइबर क्राइम करने संबंधी लिखित शिकायत दर्ज करवाई गई थी.

शिकायत में बताया गया कि उन्हें जानकारी मिली कि उनके नाम और बायोमेट्रिक पहचान का दुरुपयोग कर फिनो पेमेंट बैंक में एक फर्जी बैंक खाता खोल दिया गया है. शिवानी कुमारी का कहना था कि उन्होंने इस खाते को खुलवाने के लिए न तो कोई आवेदन दिया था और न ही किसी प्रकार की सहमति दी थी.

छात्र-छात्राओं को बनाया जा रहा था निशाना और कमीशन का खेल

शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक, शेखपुरा के निर्देश पर मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ-साथ लगातार सूचना संकलन शुरू किया. जांच में सामने आया कि आरोपी रवि कुमार कथित रूप से छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर उनके नाम पर फर्जी खाते खुलवाता था.

पुलिस जांच के मुताबिक, रवि कुमार की पहचान साहिल कुमार से हुई थी. साहिल के कहने पर रवि कुमार ने उसे फिनो बैंक से संबंधित यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया था. इसके बदले में कमीशन के तौर पर प्रति खाता 5 हजार रुपये देने की बात तय हुई थी.

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पुलिस के अनुसार, साहिल ने 03 जुलाई से यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल करना शुरू किया. जांच में यह भी सामने आया कि जुलाई महीने में पोस्ट स्कॉलरशिप का फॉर्म भरने के दौरान कुछ छात्रों के खाते से पैसे निकालकर कथित रूप से फर्जी तरीके से खाते में जमा किए गए.

रोप है कि आधार कार्ड और राशन कार्ड खुलवाने के नाम पर भी कुछ लोगों से दस्तावेज लिए गए और उनके आधार से जुड़े फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर बैंक खाते खोले गए. पुलिस के अनुसार, आरोपियों के बीच फर्जी बैंक खाते खुलवाने के एवज में कमीशन का लेनदेन भी हुआ. जांच में पता चला कि 14 जुलाई को यूपीआई के माध्यम से चार हजार रुपये और 29 जुलाई को तीन हजार रुपये साहिल कुमार के द्वारा रवि कुमार को दिए गए थे.

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पुलिस के मुताबिक, यह रकम कमीशन के रूप में दी गई थी. साहिल कुमार ने कथित तौर पर भरोसा दिलाया था कि इस पूरी गतिविधि की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को नहीं दी जाएगी. इसके बाद फिनो पेमेंट बैंक में खोले गए खातों में पैसे का लेनदेन किया जाने लगा.

लाइब्रेरी में पढ़ रही छात्रा को हुआ शक और प्राथमिकी

मामले में उस समय महत्वपूर्ण मोड़ आया जब ज्ञान वृक्ष लाइब्रेरी में पढ़ रही छात्रा शिवानी कुमारी को अपने नाम पर बैंक खाता खोले जाने की जानकारी मिली. उसने इसकी सूचना अपने अभिभावक को दी. इसके बाद जब संबंधित लोग लाइब्रेरी पहुंचे और पूछताछ की गई तो कथित रूप से मामले की जानकारी सामने आई.

रवि कुमार ने सारी बात स्वीकार कर ली थी. इसके बाद मिशन थाना में शिवानी कुमारी के साथ-साथ आधा दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं के द्वारा रवि कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई गई. पुलिस के अनुसार, आरोपियों को जब यह पता चला कि छात्रों ने मामले को लेकर मिशन थाना में केस दर्ज करा दिया है, तो वे कुछ दिनों तक फरार रहे. हालांकि पुलिस टीम रवि कुमार की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी.

तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने दबोचा

पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान के आधार पर गंजपर स्थित रवि कुमार के घर पर छापेमारी की. तलाशी के दौरान एचपी कंपनी का लैपटॉप, पुराना एप्पल आईपैड, अंगूठा लगाने वाला स्कैनर, एमजीओ पावर लैपटॉप का चार्जर तथा बिना सिम का पोर्टेबल मोबाइल डिवाइस बरामद किया गया. सामान के साथ पुलिस ने रवि कुमार को गिरफ्तार कर लिया.

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रवि कुमार द्वारा जुर्म स्वीकारने और साहिल कुमार की संलिप्तता उजागर करने के बाद पुलिस ने साहिल कुमार को भी गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक, साहिल के पास से बरामद मोबाइल फोन में ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे रवि कुमार को कमीशन के रूप में पैसे भेजे जाने की पुष्टि हुई है.

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी रवि कुमार फिनो पेमेंट बैंक की यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से बैंक खाते खोलता था. पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में अपने अपराध को स्वीकार कर लिया है.

फिलहाल पुलिस मामले में यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों के दस्तावेज और बायोमेट्रिक पहचान का इस्तेमाल किया है तथा कितने फर्जी बैंक खाते खोले गए हैं. वही पुलिस द्वारा इस मामले में अन्य संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी और तकनीकी जांच की जा रही है.


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By Ranjeet kumar

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