Sheikhpura News (अरियरी प्रखंड से प्रदीप कुमार का रिपोर्ट)
धान रोपनी के मौसम में जहां किसान खेतों को पानी देने की तैयारी में जुटे हैं, वहीं शेखपुरा जिले के लक्ष्मीपुर गांव की एक महिला किसान वर्षों से अपने कृषि बोरिंग तक बिजली पहुंचाने के लिए विभागीय कार्यालयों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं. छह पोल लगाए जाने के बावजूद तार नहीं जुड़ने से बोरिंग बंद पड़ा है, जिससे खेती, पेयजल और निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं.
वर्षों से समाधान का इंतजार
घाट कोसुम्भा प्रखंड अंतर्गत मेहुश थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव निवासी विद्युत उपभोक्ता बिंदु कुमारी ने आरोप लगाया कि वह अपने कृषि बोरिंग पर बिजली कनेक्शन चालू कराने के लिए लंबे समय से बिजली विभाग के अधिकारियों के पास आवेदन और अनुरोध कर रही हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है.
छह पोल लगे, लेकिन तार जोड़ने का काम अधूरा
बिंदु कुमारी ने बताया कि बोरिंग तक बिजली पहुंचाने के लिए करीब दो माह पहले छह पोल लगाए गए थे. इसके बावजूद अब तक उन पोलों पर बिजली तार नहीं जोड़ा गया है. उन्होंने कहा कि केवल तार जोड़ने का काम बाकी है, लेकिन विभाग की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है.
कार्यपालक पदाधिकारी को दिया था आवेदन
महिला उपभोक्ता ने बताया कि 6 जून को उन्होंने कार्यपालक पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर समस्या के समाधान की मांग की थी. आवेदन देने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है और बोरिंग चालू नहीं हो पाया है.
खेती और पेयजल व्यवस्था पर पड़ रहा असर
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय खेती का है और धान का बिछड़ा लगाने के लिए पानी की अत्यंत आवश्यकता है. बोरिंग बंद रहने से किसानों को सिंचाई में परेशानी हो रही है. इसके अलावा गांव में नए आवास निर्माण कार्य और पेयजल संकट की स्थिति में भी बोरिंग का चालू होना बेहद जरूरी है.
विभाग ने जल्द समाधान का दिया भरोसा
इस संबंध में प्रोजेक्ट एसडीओ आशीष कुमार ने बताया कि पहले बिजली तार की कमी थी, जिसके कारण कार्य पूरा नहीं हो सका था. अब तार उपलब्ध हो गया है और जल्द ही कृषि बोरिंग तक लाइन जोड़कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी.
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