दो साल के प्यार ने जीती जंग, भाई के विरोध पर सारी बंदिशें तोड़ दूल्हे के घर पहुंची दुल्हन, शिव मंदिर में हुई शादी

Sheikhpura News: शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड के कोसुम्भा गांव में एक अनोखा प्रेम विवाह संपन्न हुआ. कोसुम्भा निवासी टुन्ना पासवान (30 वर्ष) का रिश्ता २ वर्ष पूर्व नवादा की जुली कुमारी (20 वर्ष) से तय हुआ था, जिसमें 2 लाख 80 हजार रुपये तिलक की बात हुई थी. भाई के विरोध के बाद जुली सारे बंधन तोड़कर दूल्हे के घर पहुंच गई. इसके बाद कोसुम्भा मुखिया संजय पासवान और थाना अध्यक्ष की मौजूदगी में दोनों की उम्र की पुष्टि कर कोसुम्भा तालाब स्थित शिव मंदिर में शादी कराई गई, जहां लड़के वालों ने दहेज लेने से इनकार कर दिया.

Sheikhpura News(प्रदीप कुमार): शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड अंतर्गत कोसुम्भा गांव में प्रेम, अटूट विश्वास और सामाजिक सहमति की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली है. नवादा जिले से सभी सामाजिक बंधनों को तोड़कर अपने प्यार के लिए पहुंची एक दुल्हन की शादी स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में ऐतिहासिक शिव मंदिर में संपन्न कराई गई. इस अनोखे विवाह और दुल्हन के हौसले की चर्चा अब पूरे इलाके में जोरों पर है.

2 वर्ष पूर्व तय हुआ था रिश्ता, वीडियो कॉल पर परवान चढ़ा प्यार

जानकारी के अनुसार, कोसुम्भा पंचायत के कोसुम्भा गांव निवासी राजो पासवान के 30 वर्षीय पुत्र टुन्ना पासवान की शादी करीब 2 वर्ष पूर्व नवादा जिले के धमौल थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ी गुलनी गांव निवासी राजकुमार पासवान की 20 वर्षीय पुत्री जुली कुमारी से तय हुई थी. शादी तय होने के समय तिलक के रूप में 2 लाख 80 हजार रुपये नगद समेत सोने-चांदी के गहने और अन्य घरेलू सामग्री देने की बात दोनों परिवारों के बीच तय हुई थी. रिश्ता तय होने के बाद लड़का और लड़की के बीच फोन और वीडियो कॉल पर लगातार बातचीत होने लगी. देखते ही देखते दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए और साथ जीने-मरने की कसमें खा लीं.

भाई ने किया शादी से इनकार, तो खुद दूल्हे के घर पहुंच गई जुली

सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन इसी बीच कहानी में एक नया मोड़ आ गया. लड़की के भाई ने अचानक इस शादी का विरोध करते हुए लड़का पसंद न होने की बात कहकर विवाह से साफ इनकार कर दिया. जब इस बात की भनक जुली कुमारी को लगी, तो उसने बिना वक्त गंवाए सीधे टुन्ना पासवान से संपर्क किया. दोनों ने किसी भी कीमत पर एक-दूसरे का साथ न छोड़ने का फैसला किया. इसके बाद जुली अपने घर की सारी बंदिशों को पीछे छोड़ते हुए सीधे अपने होने वाले दूल्हे के घर कोसुम्भा पहुंच गई.

मुखिया और थाना अध्यक्ष ने कराई पहल, उम्र की पुष्टि के बाद मंदिर में लिए सात फेरे

नवादा से लड़की के अचानक कोसुम्भा पहुंचने की खबर मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोसुम्भा पंचायत के मुखिया संजय पासवान ने तुरंत सकारात्मक पहल की. मुखिया ने दोनों पक्षों को एक साथ बैठाकर समझाया और बातचीत के जरिए पारिवारिक विवाद को शांत कराया. कानून व्यवस्था का सम्मान करते हुए अधिकारियों ने सबसे पहले दोनों युवक-युवती की उम्र के दस्तावेजों की जांच कर बालिग होने की पुष्टि की. दोनों परिवारों की अंतिम सहमति मिलने के बाद कोसुम्भा तालाब स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर में पंचायत प्रतिनिधियों, सैकड़ों ग्रामीणों और कोसुम्भा थाना अध्यक्ष की गरिमामयी मौजूदगी में दोनों का विवाह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत संपन्न कराया गया.

तिलक-दहेज को ठुकराया, पूरे गांव में बांटे गए लड्डू

इस शादी की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि दूल्हे के माता-पिता ने समाज को एक बड़ा संदेश देते हुए पूर्व में तय 2 लाख 80 हजार रुपये के तिलक और धन-दौलत को लेने से साफ मना कर दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें बहू के रूप में लक्ष्मी मिल गई है और उनकी इच्छा सिर्फ दोनों की खुशहाली है. वहीं, लड़की की मां ने भी अपनी बेटी की खुशी को सर्वोपरि मानते हुए इस रिश्ते को सहर्ष स्वीकार कर लिया. शादी संपन्न होते ही पूरे कोसुम्भा गांव में खुशी के मारे लड्डू बांटे गए.

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By Aditya Kumar Ravi

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