लहना के मनरेगा में 1.12 लाख की गड़बड़ी उजागर

पीटीए, पीआरएस समेत तीन से रिकवरी की कार्रवाई चेवाड़ा : प्रखंड के लहरा पंचायत में मनरेगा योजना के तहत पीसीसी ढलाई की योजना में अनियमितता का मामला उजागर हुआ है. इस मामले में पीसीसी ढलाई के वीकनेस में प्राक्कलन के अनुरूप अनियमितता बरतने के मामले में योजना से संबंधित मनरेगा के तीन कर्मियों से 1.12 […]

पीटीए, पीआरएस समेत तीन से रिकवरी की कार्रवाई
चेवाड़ा : प्रखंड के लहरा पंचायत में मनरेगा योजना के तहत पीसीसी ढलाई की योजना में अनियमितता का मामला उजागर हुआ है. इस मामले में पीसीसी ढलाई के वीकनेस में प्राक्कलन के अनुरूप अनियमितता बरतने के मामले में योजना से संबंधित मनरेगा के तीन कर्मियों से 1.12 लाख रुपये की रिकवरी की भी कार्रवाई शुरू कर दिया है.
विभागीय सूत्रों ने बताया कि लहना पंचायत के तियाय गांव में लगभग तीन लाख रुपये की पीसीसी योजना का क्रियान्वयन किया गया था. इस योजना में ग्रामीणों ने गुणवत्ता में भारी अनियमितता का आरोप लगाया था. इस आरोप की जांच वरीय उप समाहर्ता से करायी गयी थी. जांच के क्रम में प्राक्कलन के अनुरूप पीसीसी ढलाई की मोटाई कम पाया गया. योजना में अंकित मापी पुस्तिका के समीक्षा के बाद 01 लाख 12 हजार रुपये की निकासी फर्जी पाया गया.
इस मामले में उप विकास आयुक्त ऋषिदेव झा योजना से संबंधित पीआरएस को बरखास्तगी की सिफारिश करते हुए दस दिनों के अंदर राशि जमा कराने का निर्देश दिया गया है. आरोपित पीआरएस सुनील कुमार फिलहाल घाट कोसुम्भा के पानापुर पंचायत में कार्यरत हैं. जबकि पीटीए आलोक कुमार अरियरी प्रखंड में कार्यरत हैं. पीओ प्रमोद विश्वकर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि समय-सीमा के अंदर राशि जमा नहीं कराये जाने पर वेतन मद से राशि की वसूली की जायेगी.

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