लीची पर मौसम की मार, हो सकती है लाखों की क्षति

बरबीघा (शेखपुरा) : 20-25 दिन पहले तेज आंधी-पानी के साथ हुए बर्फबारी ने स्थानीय लीची व्यवसायी आंसू बहाने को विवश कर दिया है. सामान्यत: मुजफ्फरपुर व हाजीपुर के बागीचों को ठेके पर खरीद कर अथवा थोक विक्रेता से माल खरीद कर लाखों रुपये फंसा चुके व्यवसायियों को मॉनसून के पहले हुई बारिश से काफी आर्थिक […]

बरबीघा (शेखपुरा) : 20-25 दिन पहले तेज आंधी-पानी के साथ हुए बर्फबारी ने स्थानीय लीची व्यवसायी आंसू बहाने को विवश कर दिया है. सामान्यत: मुजफ्फरपुर व हाजीपुर के बागीचों को ठेके पर खरीद कर अथवा थोक विक्रेता से माल खरीद कर लाखों रुपये फंसा चुके व्यवसायियों को मॉनसून के पहले हुई बारिश से काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

थाना चौक पर अपनी दुकान सजाये दर्जनों फल व्यवसायियों ने बताया कि बेमौसम बरसात के कारण लीची सड़ने लगी है और ग्राहकों द्वारा कीड़े मिलने की शिकायत भी मिलने लगी है. इन दुकानदारों व ठेला वेंडरों ने बताया कि अब लाभ तो क्या पूंजी वसूलने के लिए भी मशक्कत करनी पड़ रही है.

साहिल, मो सिकंदर आदि व्यवसायियों ने बताया कि अमूमन जुलाई के पहले सप्ताह तक टिकनेवाली लीची को कीड़े लगने व सड़ने के डर से 30-40 रुपये प्रति किलो की दर से खपाया जा रहा है.

इधर, किसी भी कारण से सस्ते दर पर प्रचूर मात्र में बाजार में उपलब्ध लीची के लाभ स्थानीय उपभोक्ता जम कर उठा रहे हैं. इस तरह लीची, आम लोगों को भले ही मीठा स्वाद दे रही हो, पर इसके व्यवसायियों को व्यवसाय में हानि उठाने के कारण कड़वाहट भरा स्वाद चखना पड़ रहा है.

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