Sheohar News: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना शिवहर जिले में प्रशासनिक शिथिलता और बजट के अभाव में दम तोड़ती नजर आ रही है. जिले के पिपराही, पुरनहिया और शिवहर प्रखंड के कई वार्डों में पानी की सप्लाई ठप है. स्थिति यह है कि स्मार्ट मीटर रिचार्ज नहीं होने और भूमिदाताओं का मानदेय रुकने से जनता को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है.
3 करोड़ के बिल के बदले मिले महज 25 लाख, मेंटेनेंस ठप
योजना का रखरखाव कर रही एजेंसी मनोज कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के अनुसार, तीनों प्रखंडों की 370 पानी टंकियों के मेंटेनेंस के मद में अगस्त महीने से अब तक 3 करोड़ रुपये का बिल भेजा जा चुका है. इसके एवज में विभाग ने महज 25 लाख रुपये का भुगतान किया है, जो नाकाफी है. संवेदक का कहना है कि समय पर भुगतान न होने से मेंटेनेंस का काम प्रभावित हो रहा है. वहीं, बिजली बिल जमा न होने से स्मार्ट मीटर बंद हैं, जिसके कारण कर्मी मजबूरी में डायरेक्ट कनेक्शन कर जलापूर्ति चलाने की कोशिश कर रहे हैं.
अधिकारियों ने दी सफाई
मीनापुर बालहा, अंबा दक्षिणी और बेलवा पंचायत के कई वार्डों में संकट गहरा गया है. ऑपरेटर के रूप में कार्यरत भूमिदाताओं को महीनों से मानदेय नहीं मिलने के कारण उन्होंने जल आपूर्ति बंद कर दी है. इस संबंध में पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि डेविएशन की प्रक्रिया चल रही है और विभाग को पत्र भेजा गया है. वहीं, जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने कहा कि सरकारी गाइडलाइन के तहत प्रक्रिया जारी है. कुछ भूमिदाताओं द्वारा राज्यपाल के नाम जमीन की रजिस्ट्री (निबंधन) नहीं कराए जाने के कारण मानदेय रुका हुआ है.
शिवहर के पिपराही से मकसूद आलम की रिपोर्ट
