शिवहर पॉलिटेक्निक के छात्रों ने 3D प्रिंटर से बनाई भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा, खूब हो रही तारीफ

शिवहर के पॉलिटेक्निक कॉलेज में विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर छात्रों ने पारंपरिक तरीके से हटकर कुछ खास किया. उन्होंने 3D प्रिंटिंग तकनीक का इस्तेमाल कर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा बनाई. यह पहल छात्रों की तकनीकी दक्षता और रचनात्मकता का बेहतरीन उदाहरण है.

शिवहर: पिपराही प्रखंड क्षेत्र के परिहारा स्थित हरिकिशोर सिंह राजकीय पॉलिटेक्निक, शिवहर के परिसर में भगवान विश्वकर्मा पूजा पूरी श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई. इस अवसर पर संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर तकनीकी ज्ञान, कौशल संवर्धन और औद्योगिक नवाचार के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की कामना की. इस वर्ष के आयोजन की सबसे खास और अनूठी बात यह रही कि पूजा के लिए भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा बाजार से खरीदने के बजाय संस्थान के विद्यार्थियों ने अपनी कॉलेज प्रयोगशाला में 3D प्रिंटिंग तकनीक के जरिए खुद तैयार की.

डिजिटल डिजाइन से लेकर 3D प्रिंटिंग तक छात्रों ने संभाली कमान

प्रतिमा निर्माण के दौरान छात्र-छात्राओं की तकनीकी दक्षता और रचनात्मकता देखते ही बनती थी. विद्यार्थियों ने कंप्यूटर पर भगवान विश्वकर्मा का डिजिटल मॉडल और सटीक 3D डिजाइन तैयार करने से लेकर 3D प्रिंटर की सहायता से भौतिक प्रतिमा के निर्माण तक की पूरी प्रक्रिया में सक्रिय और तकनीकी भागीदारी निभाई. विद्यार्थियों की इस अनूठी पहल ने भारतीय सनातन परंपरा और 21वीं सदी की अत्याधुनिक तकनीक के बीच एक बेहतरीन सामंजस्य स्थापित किया, जिसकी पूरे परिसर में जमकर सराहना हुई.

व्यावहारिक ज्ञान और नवाचार को मिला नया मंच

3D प्रिंटिंग तकनीक से प्रतिमा का निर्माण केवल एक पूजा का हिस्सा नहीं रहा, बल्कि इसने छात्र-छात्राओं को अपने सैद्धांतिक तकनीकी ज्ञान को व्यावहारिक रूप में धरातल पर उतारने का शानदार अवसर प्रदान किया. इस सफल प्रयोग से विद्यार्थियों में नवाचार की भावना, डिजिटल प्रोटोटाइपिंग और तकनीकी समस्या-समाधान की समझ मजबूत हुई है. इस रचनात्मक प्रयास ने सिद्ध कर दिया कि ग्रामीण परिवेश के शिक्षण संस्थानों में भी आधुनिक तकनीकों का प्रभावी इस्तेमाल कर नई राहें बनाई जा सकती हैं.

वास्तविक जीवन से तकनीकी शिक्षा को जोड़ता है ऐसा प्रयोग: प्राचार्य

संस्थान के प्राचार्य डॉ. दिवाकर भगत ने छात्र-छात्राओं के इस अभिनव प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला आधारित ऐसे व्यवहारिक कार्य विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी शिक्षा को वास्तविक जीवन की जरूरतों से जोड़ने और अपने हुनर को तराशने का वास्तविक मंच देते हैं. कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने ज्ञान का सकारात्मक उपयोग करते हुए समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया. पूरे पूजा महोत्सव के दौरान 3D प्रिंटिंग से बनी यह अनूठी प्रतिमा सभी के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी रही.

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By Md.maksud alam

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