Sheohar News: जिला व्यवहार न्यायालय के अनन्य विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) दीपांजन मिश्रा ने गुरुवार को एक नाबालिग बच्ची के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. अदालत ने शिवहर जिले के सुगिया कटसरी निवासी शंभू साह (45 वर्ष) और अमरेश साह (46 वर्ष) को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है.
क्या था पूरा मामला?
विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) राजेश्वर कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि घटना 22 सितंबर 2016 की शाम की है. 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची घर से शौच के लिए निकली थी। इसी दौरान आरोपी शंभू साह (पिता फुदाई साह) और अमरेश साह (पिता मुखलाल साह) ने उसका मुंह दबाकर जबरदस्ती मार्शल गाड़ी में बैठा लिया.
आरोपी पीड़िता को मुजफ्फरपुर ले गए, जहाँ एक कमरे में सात दिनों तक उसे बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया.
पीड़िता को मिलेगा 3 लाख का मुआवजा
न्यायाधीश दीपांजन मिश्रा ने पीड़िता के पुनर्वास और न्याय को ध्यान में रखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के माध्यम से 3 लाख रुपये का कंपनसेशन (मुआवजा) देने का भी आदेश निर्गत किया है. दोनों अभियुक्तों पर भी 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना न भरने पर 3 माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी.
शिवहर से मनीश नंदन सिंह की रिपोर्ट
