Sheohar News: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के अध्यक्ष संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार मंगलवार को आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों और उसकी सफलता को लेकर समीक्षा बैठक हुई. डीएलएसए के सचिव ललन कुमार रजक की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले के विभिन्न थानों के थानाध्यक्षों और डीएसपी मुख्यालय के साथ लोक अदालत से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की गयी.
आपसी समझौते से मामलों के स्थायी निपटारे पर जोर
डीएलएसए सचिव ललन कुमार रजक ने जिला जज के संदेश से पुलिस पदाधिकारियों को अवगत कराया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी भाईचारे और समझौते के आधार पर मामलों का स्थायी निपटारा करना है. इससे आम जनता को समय पर राहत मिल सकेगी और मामलों के निपटारे में लगने वाला समय भी कम होगा.
लोक अदालत के नोटिसों का समय पर तामिला कराने का निर्देश
बैठक में सचिव ने जिले के विभिन्न थानों के थानाध्यक्षों और डीएसपी मुख्यालय को कड़े निर्देश दिये कि 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित सभी नोटिसों का थाना स्तर पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में तामिला कराया जाए.
उन्होंने नोटिस तामिला की प्रक्रिया को गंभीरता से पूरा करने और इसकी रिपोर्ट संबंधित कार्यालय में समय पर उपलब्ध कराने को कहा, ताकि लोक अदालत में मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया बाधित न हो.
छोटे और शमनीय आपराधिक मामलों पर विशेष जोर
बैठक में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) महेश कुमार ने पुलिस अधिकारियों को छोटे और शमनीय आपराधिक मामलों से संबंधित नोटिसों का जल्द से जल्द तामिला कराने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि नोटिस तामिला के बाद उसकी रिपोर्ट भी समय पर डीएलएसए कार्यालय में जमा करायी जाए. इससे लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों को आपसी समझौते के आधार पर निपटाने में मदद मिलेगी.
बैठक के अंत में उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों को राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये.
