Sheohar News: जिला निबंधन कार्यालय में गुरुवार को कातीब संघ ने पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अनिश्चितकालीन बहिष्कार करते हुए प्रदर्शन किया. संघ के आंदोलन के कारण निबंधन कार्य प्रभावित रहा. कातीब संघ का दावा है कि पिछले कुछ दिनों से रजिस्ट्री कार्य बाधित रहने के कारण सरकार को लाखों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है.
6 अगस्त से जारी है बहिष्कार
कातीब संघ के जिलाध्यक्ष प्रमोद प्रसाद ने बताया कि पहले रजिस्ट्री दस्तावेज स्टांप पर लिखकर तैयार किए जाते थे, लेकिन सरकार ने अब पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू कर दी है. उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था को लेकर आम नागरिकों में असंतोष है. इसी के विरोध में 6 अगस्त से कातीब संघ और स्टांप वेंडरों ने पेपरलेस रजिस्ट्री का अनिश्चितकालीन बहिष्कार शुरू किया है.
ओटीपी आधारित प्रक्रिया पर जताई आपत्ति
कातीब संघ के सचिव रामाशंकर प्रसाद ने बताया कि कातीब संघ और स्टांप वेंडरों की बैठक में रजिस्ट्री कराने आने वाले लोगों की राय ली गई. अधिकांश लोगों ने पहले की तरह स्टांप पर लिखित दस्तावेज के आधार पर रजिस्ट्री कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि बढ़ते साइबर अपराध के कारण लोग पेपरलेस रजिस्ट्री के दौरान ओटीपी साझा करने से भयभीत हैं.
सरकार से व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पेपरलेस व्यवस्था लागू करने से पहले आम लोगों की समस्याओं और सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए. उन्होंने सरकार से व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन करने की मांग की.
बड़ी संख्या में कातीब और स्टांप वेंडर रहे मौजूद
प्रदर्शन में सह सचिव सुरेश पटेल, कोषाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, वरीय कातीब बैद्यनाथ प्रसाद शाहपुरी, ललन कुमार, गिरीश नंदन सिंह, तारकेश्वर प्रसाद, अच्छे लाल साह, नंदकिशोर तिवारी, स्टांप वेंडर दिनेश कुमार सिंह, सुशील कुमार, नूतन कुमारी, श्री भगवान सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे.
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