Sheohar News: जिले में पर्यावरण संरक्षण, नदी स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर बुधवार को डीडीसी संजय कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में जिले के पर्यावरण को संतुलित रखने और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. ऐतिहासिक हाथीसर तालाब को इकोटूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करने और बागमती नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया.
वायु प्रदूषण मापने के लिए लगेंगे यंत्र
बैठक में जिले में वायु प्रदूषण के स्तर की निगरानी के लिए वायु प्रदूषण मापक यंत्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया. इससे जिले में प्रदूषण के स्तर की नियमित निगरानी की जा सकेगी और आवश्यकता के अनुसार नियंत्रण के उपाय किए जाएंगे.
सड़क चौड़ीकरण और बांध सुदृढ़ीकरण के दौरान काटे जाने वाले पेड़ों की भरपाई के लिए नए वन क्षेत्र यानी वनागर विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई.
बालसुंदर और महनद की होगी उड़ाही
बैठक में बालसुंदर और महनद की उड़ाही कराने का निर्णय लिया गया. जलस्रोतों की सफाई और गाद हटाने से जल प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
इसके साथ ही जिले की सत्यापित आर्द्रभूमियों की स्थिति की समीक्षा की गयी. इनके संरक्षण और बेहतर प्रबंधन को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
बागमती को प्रदूषण मुक्त बनाने पर जोर
गंगा की प्रमुख सहायक नदी बागमती के संरक्षण और इसे प्रदूषण मुक्त रखने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा हुई. तरल अपशिष्ट के उचित प्रबंधन के लिए जिले में एफएसटीपी स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया.
वहीं, सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए प्रभावी छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया.
नगर वन विकसित करने की बनी रूपरेखा
जिले में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए नगर वन यानी सिटी फॉरेस्ट विकसित करने की रूपरेखा भी तय की गयी. इसके माध्यम से शहरी क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा.
बैठक के अंत में डीडीसी संजय कुमार ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने प्रस्तावित योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से धरातल पर उतारने को कहा.
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