शिवहर : मान्यता है कि रमजान के महीना में अल्लाह रोजा रखने वालों की दुआ अवश्य कबूल करते हैं. जिले के डुमरी कटसरी प्रखंड निवासी मो परवेज उर्फ तमन्ना व उसकी पत्नी जोहरा खातुन की दुआ अल्लाह ने कबूल कर ली है. करीब छह माह पहले बिछड़े उसके 12 वर्षीय पुत्र जावेद को लौटाकर अल्लाह ने उसकी झोली भर दी है.
इसके लिए अल्लाह की शुक्रिया अदा करते नहीं थक रहा है दोनों रोजेदार. मां जोहरा खातुन पुत्र जावेद के वापसी की आस छोड़ चुकी थी. किंतु अलविदा जुमा की नमाज अदा करने के बाद जब उन्हे फोन पर सूचना मिली कि उनका पुत्र वापस आ गया है. तो उनको कुछ पल के लिए विश्वास ही नहीं हो रहा था. पूरी कहानी बताते हुये जावेद व उसके परिजन व चचेरा भाई हसरत कहते हैं कि गरीबी के कारण तमन्ने ने अपने पुत्र 12 वर्षीय जावेद को उसके फूफा सीतामढ़ी के भोरहां निवासी जावीर के साथ काम सिखने के लिए आरा भेजा.
जावीर के पुत्र नौसाद से उसका झगड़ा हो गया. गुस्से में जावेद घर के लिए निकल पड़ा. वह किसी तरह पटना पहुंचा. उसके बाद मुजफ्फरपुर की बस पकड़ ली. पॉकेट में एक पैसा नहीं था. हाजीपुर के पास टिकट का पैसा नहीं देने के कारण बस के टिकट संग्राहक ने उसे बस से उतार दिया. अपने ही प्रदेश में जावेद अकेला हाजीपुर में भटकने लगा.
किसी ने भी इंसानियत नहीं दिखायी. जिससे वह घर पहुंच सके. जावेद बताता है कि वह दो दिनों तक भूखा रहा. अन्तत: उसने एक ट्रक को हाथ देकर आप बीती बतायी. किसी काम से गोरखपुर से हाजीपुर आये ट्रक ड्राइवर नथानी को बच्चे पर दया आ गयी. उसने जावेद को खाना खिलाया. वही अपने साथ गोरखपुर लिये चले गये. इधर पुत्र के गुम होने के सूचना मिलते ही फुलकाहां
उसके माता पिता पर जैसे पहाड़ गिर पड़ा. इस पूरी घटनाक्रम के छह माह बाद भी बालक का कही पता नहीं चला.
मां पिता ने बच्चे के मिलने की आस छोड़ दी. इसी बीच रमजान का माह आ गया. एक आस जगी कही अल्लाह की रहमत बरसे. बालक के माता पिता ने रोजा रखना शुरू किया. रोज पुत्र की वापसी की दुआ मांगी जाने लगी. शुक्रवार की अलविदा जुमा के नमाज अदा करके ज्योंकि बालक के माता पिता मुक्त हुये शिवहर के निहार वूटी में काम कर रहे गांव के ही एक लड़का सफीक ने सूचना दिया कि जावेद वापस आ गया है.
घर में खुशी का माहौल कायम हो गया. पुत्र को मृत समझकर आस खो चुकी मां जोहरा के आंखों से खुशी की अविरल धारा प्रवाहित होने लगी. जावेद बतता है कि उसी ट्रक ड्राइवर मुजफ्फरपुर का ट्रेन का टिकट कटाकर बैठा दिया. साथ ही रास्ते के खर्च के लिए एक हजार रु पये भी दिये हैं.उसके बाद सीतामढ़ी के रास्ते वह शिवहर पहुंचा.
लोग उस ट्रक ड्राइवर की नेक दिली की प्रशंसा कर उसके लिए दुआ मांग रहे हैं. लोगों का कहना है कि इंसानियत आज भी जिंदा है. भले ही यह दौलत उस बस टिकट संग्रहक के पास नहीं रही हो. जिसने किराये का पैसा नहीं रहने पर मासुम को बस से उतार दिया.लोग उस बस के टिकट संग्राहक को कोस भी रहे हैं. जिसके इंसानियत नहीं दिखाने के कारण बालक को छह माह तक मां पिता के संपर्क से दूर रहना पड़ा.
बेटे की वापसी की आस छोड़ चुकी थी मां
खास बातें
कंडक्टर ने टिकट का पैसा नहीं रहने पर बालक को हाजीपुर में बस से दिया उतार
दो दिन से भूखे भटक रहे बालक को गोरखपुर के ट्रक चालक ने दी शरण
एक को मिल रही दुआएं ह तो दूसरे को मिल रही बददुआ
टेंपो समेत मध्याह्न भोजन का 11 बोरा चावल िकया जब्त
चोरी. स्कूल गेट पर लोगों ने पकड़ लिया चावल लदा टेंपो
डीपीओ के स्तर से प्रभारी प्रधान राजेंद्र प्रसाद रजक को किया जा चुका है निलंबित
बैरगनिया : नगर पंचायत स्थित श्री महावीर प्रसाद ढ़ंढ़ारिया कन्या मध्य विद्यालय से शनिवार की रात करीब 10 बजे टेंपो से एमडीएम का 11 बोरा चावल ले जाते स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया.
स्कूल के गेट पर ही लोगों ने चावल समेत टेंपो को पकड़ लिया. चालक टेंपो छोड़ फरार होने में सफल रहा. सूचना मिलने पर स्कूल के अध्यक्ष शंभु साह कानू पहुंचे. थानाध्यक्ष संजीव कुमार भी पहुंच गये. जांच-पड़ताल के बाद पुलिस चावल लदे टेंपो को थाना ले गयी. रविवार को एमडीएम के प्रभारी मो नौशाद ने प्राथमिकी दर्ज करायी.
मामले में मो नौशाद ने कहा है कि डीपीओ के स्तर से प्रभारी प्रधान राजेंद्र प्रसाद रजक को निलंबित किया जा चुका है. श्री रजक द्वारा हीं अपने सहयोगियों की मदद से टेंपो नंबर बीआर 30 पी/5842 से एमडीएम का 11 बोरा चावल ले जाया जा रहा था, जिसे ग्रामीणों द्वारा पकड़ लिया गया.
