एएनएम ट्रेनिंग स्कूल का इस सत्र में संचालन की संभावना पर ग्रहण

मनमानी. िवभागीय उदासीनता से लोगों में भड़का आक्रोश शिवहर : बीएमएसआइसीएल की उदासीनता के कारण चंद्रकला देवी एएनएम ट्रेनिंग स्कूल एंड हॉस्पीटल का इस सत्र में संचालन पर ग्रहण लगता नजर आ रहा है. उदासीनता के कारण उक्त एएनएम प्रशिक्षण स्कूल का सत्र 2017-18 के संचालन नहीं हो पाने से लोगों में क्षोभ व्याप्त है.स्वास्थ्य […]

मनमानी. िवभागीय उदासीनता से लोगों में भड़का आक्रोश

शिवहर : बीएमएसआइसीएल की उदासीनता के कारण चंद्रकला देवी एएनएम ट्रेनिंग स्कूल एंड हॉस्पीटल का इस सत्र में संचालन पर ग्रहण लगता नजर आ रहा है.
उदासीनता के कारण उक्त एएनएम प्रशिक्षण स्कूल का सत्र 2017-18 के संचालन नहीं हो पाने से लोगों में क्षोभ व्याप्त है.स्वास्थ्य विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी ने वित्तीय वर्ष 2017- 18 में सत्र संचालन का निर्देश सिविल सर्जन को दिया है. किंतु करीब चार करोड़ की लागत से भवन निर्माण होने के बावजूद मूलभूत आवश्यकताओं की कमी के कारण इस ट्रेनिंग स्कूल का सत्र संचालन इस वित्तीय वर्ष में संभव नहीं दिख रहा है.
मालूम हो कि 14 दिसंबर 2017 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समीक्षा यात्रा के दौरान इस स्कूल का उद्घाटन तो कर दिया. किंतु सत्र संचालन के दिशा में सरकारी निर्देश के बावजूद बीएमएसआइसीएल की उदासीनता के कारण सत्र 2017-18 में नामांकन तक संभव नहीं संभव हो सका है. कारण की इस स्कूल में चहारदीवारी, उपस्कर समेत अन्य मूलभूत संसाधनों व आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं की जा सकी है. जिसकी पूर्ति की जिम्मेवारी बीएमएसआइसीएल को करना है. किंतु इस मामले में उसकी उदासीनता बरकरार है.बताते चलें कि इस स्कूल में एक सत्र में 60 एएनएम प्रशिक्षित हो सकेंगी. किंतु उदासीनता के कारण सत्र 2017-18 में यह संभव नहीं हो पा रहा है. हालांकि सिविल सर्जन द्वारा एक लिपिक, चार चतुर्थवर्गीय कर्मचारी की प्रतिनियुक्ति करके स्वीकृति हेतु विभाग के वरीय पदाधिकारी को अनुशंसा की गयी है. किंतु इस संबंध में भी विभाग की चुप्पी बरकरार है. विभाग प्रशिक्षक की भी नियुक्ति नहीं कर सका है.
हालांकि स्कूल में फिलहाल जीएनएम संचिता समानता को प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया है. इस स्कूल में फिलहाल चहारदीवारी का अभाव है .
कहते हैं सिविल सर्जन
व डीपीएम
इस बाबत पूछे जाने पर सिविल सर्जन विशंभर ठाकुर व डीपीएम पंकज कुमार मिश्र ने बताया कि जब तक मूलभूत आवश्यकताओं की ट्रेनिंग स्कूल में पूर्ति नहीं की जाती है. सुरक्षा की दृष्टि से चहारदीवारी, कांटेदार तार सहित, विद्युत की व्यवस्था एवं उपस्कर की व्यवस्था जब तक नहीं की जाती है. तब तक प्रशिक्षण कार्य का संचालन संभव नहीं हो पायेगा.कहा कि इस बाबत करीब छह माह पूर्व बीएमएसआइसीएल को विभागीय रिपोर्ट के आधार पर डीएम द्वारा चहारदीवारी निर्माण, उपस्कर की व्यवस्था समेत मूलभूत सभी संसाधनों की व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है. किंतु अभी तक कोई निर्देश प्राप्त नहीं है. ऐसे में लगता है कि सत्र 2018-19 में ही का संचालित हो सकेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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