बैरगनिया : पड़ोसी देश नेपाल के दक्षिण पूर्व तराई स्थित मधेस में सोमवार को हिंसा की छिटपुट वारदात के बीच निकाय चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो गया.
मतदान के दौरान 70 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया. नेपाल के मधेस के इलाके के रौतहट, महोत्तरी, धनुषा व सर्लाही समेत आठ जिलों में 136 निकायों के 6 हजार 627 पदों के लिए हुए मतदान में कुल 37 हजार 236 प्रत्याशियों की किस्मत बैलेट बॉक्स में बंद हो गयी. मतदान के लिए इलाके में कुल 2 हजार 166 मतदान केंद्र बनाये गए थे.
इधर, मतदान के दौरान हिंसक झड़प हुई. बैरगनिया से सटे नेपाल के रौतहट जिले के मौलापुर नगर पालिका के गम्हरिया पतौरा वार्ड तीन स्थित प्राथमिक विद्यालय के मतदान केंद्र पर माओवादी व संघीय समाजवादी फोरम नेपाल के कार्यकर्ताओं के बीच वोट डालने को लेकर झड़प हो गयी. दोनों दलों के उग्र कार्यकर्ताओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को एक राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी. इस बूथ पर एक घंटे तक मतदान बाधित रहा. वहीं सर्लाही जिले के बलरा नगरपालिका वार्ड तीन में नेपाली कांग्रेस के सांसद अमरेश कुमार सिंह के वाहन पर राजपा कार्यकर्ताओं ने फायरिंग की, जिसके जवाब में सांसद के अंगरक्षक ने भी एक राउंड फायरिंग की. हथिऔल में बम विस्फोट में दो बच्चे घायल हो गये.
मौके पर पहुंचे सेना के बम निरोधक दस्ते ने पांच जिंदा बम बरामद कर उसे निष्क्रिय किया. बम विस्फोट के बाद इलाके में दहशत फैल गया था. रौतहट के प्रमुख जिलाधिकारी उद्धव बहादुर थापा ने पुष्टि करते हुये बताया कि छिटफुट घटनाओं के बीच मतदान सम्पन्न हो गया. सभी मतदान केंद्र से मतपेटियों को जिला मुख्यालय स्थित मतगणना केंद्र पर लाया गया है. जहां सोमवार की देर रात से मतगणना की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. रौतहट जिला मुख्यालय गौर के वार्ड दो स्थित मतदान केंद्र पर पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल ने मतदान किया.
वहीं मतसरी में पूर्व उद्योग मंत्री अनिल कुमार झा, मलंगवा में पूर्व मंत्री राजेंद्र महतो, जनकपुर में पूर्व गृह मंत्री विमलेंद्र निधि ने मतदान किया. सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान किया गया.सभी बूथों पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था. वहीं नेपाली सेना सड़कों पर गश्त लगाती रहीं. 20 वर्ष के बाद हुए निकाय चुनाव को लेकर मदाताओ में खासा उत्साह दिखा. नेपाल में मतदान को लेकर सीमा पर भारतीय चौकसी जारी है. सीमावर्ती थानों की पुलिस व एसएसबी 24 घंटे चौकसी करती रहीं. जबकी बॉर्डर पूरी तरह सील रहा.
