सवेरा कैंसर हॉस्पिटल में रोबोटिक सर्जरी की सफल शुरुआत, बिना दर्द और चीरे के इलाज संभव

Savera Cancer Hospital: नई तकनीक और नई उम्मीद के साथ सवेरा कैंसर हॉस्पिटल में रोबोटिक सर्जरी की सफल शुरुआत हुई है. अब बिना बड़े चीरे और कम दर्द के इलाज संभव होगा. यह आधुनिक तकनीक मरीजों को सुरक्षित, सटीक और तेजी से स्वस्थ होने का बेहतर विकल्प प्रदान करेगी.

Savera Cancer Hospital: सवेरा कैंसर हॉस्पिटल ने आधुनिक चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत कर दी है. वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. वी. पी. सिंह के नेतृत्व में किए गए दो सफल ऑपरेशन इस अत्याधुनिक तकनीक की प्रभावशीलता को दर्शा रहा है. पहला मामला मुंगेर शहर की 32 साल की सीमा देवी (बदला हुआ नाम) का रहा, जिनके ओवरी में सिस्ट पाया गया था. लगभग दो घंटे चली इस रोबोटिक सर्जरी में छोटे से चीरे के माध्यम से नॉन-कैंसरस सिस्ट को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया. सर्जरी के बाद मरीज को न के बराबर दर्द हुआ और वह शीघ्र ही स्वस्थ होकर घर लौट गईं.

दूसरा मामला गया शहर की 66 साल की रेखा देवी (बदला हुआ नाम) का है. वह पहले ओवेरियन कैंसर से उबर चुकी थीं, लेकिन पेट दर्द की शिकायत के बाद जांच में गॉल ब्लैडर में पथरी पाई गई. रोबोटिक तकनीक के माध्यम से उनकी सर्जरी कर पथरी को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया. डॉ. वी. पी. सिंह ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी चिकित्सा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव है. इस तकनीक के जरिए सर्जरी अधिक सटीक होती है, खून का रिसाव कम होता है, दर्द न्यूनतम होता है और मरीज तेजी से स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट पाता है.

उन्होंने यह भी बताया कि इस तकनीक की खासियत यह है कि ऑपरेशन कम समय में पूरा हो जाता है और इसका खर्च भी पारंपरिक सर्जरी के लगभग समान ही रहता है. इस पहल के साथ अब बिहार के मरीजों को उन्नत इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा.उन्हें अपने राज्य में ही अत्याधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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