आउटसोर्सिंग कंपनी की लापरवाही से सीएचसी में कूड़ा-कचरा का लगा अंबार
साफ-सफाई पर लाखों रुपये खर्च, पर नहीं बदली अस्पताल की सूरत
कोचस.
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को साफ-सुथरा और स्वच्छ रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रति माह लाखों रुपये खर्च किये जा रहे हैं. इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन की अदूरदर्शिता के कारण परिसर में फैली गंदगी, बदबू और सड़ांध से मरीजों व उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में साफ-सफाई के लिए आउटसोर्सिंग के तहत एक सुपरवाइजर समेत 17 सफाईकर्मियों की 24 घंटे प्रतिनियुक्ति की गयी है. इन्हें विभिन्न वार्डों, डॉक्टर चैंबर, प्रसव कक्ष, बाथरूम, गलियारा, रैंप व सीढ़ियों की सफाई फिनायल, डिटॉल आदि से करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है.लेकिन आउटसोर्सिंग कंपनी की ओर से फिनायल, डिटॉल व ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. इसके कारण सफाईकर्मी केवल पानी से पोंछा लगाने को मजबूर हैं. वहीं बाथरूम का नल कई दिनों से टूटा पड़ा है और अस्पताल में सफाई करने वाली मशीनें भी खराब पड़ी हैं.आउटसोर्सिंग कंपनी सफाईकर्मियों को पर्याप्त झाड़ू तक उपलब्ध नहीं कराती
आरोप है कि आउटसोर्सिंग कंपनी की ओर से सफाईकर्मियों को पर्याप्त झाड़ू तक उपलब्ध नहीं कराया जाता, जिससे परिसर में गंदगी फैली रहती है. बताया जाता है कि 17 सफाईकर्मियों के बदले मात्र आठ कर्मियों से ही काम लिया जा रहा है. जबकि अस्पताल प्रबंधन द्वारा आउटसोर्सिंग कंपनी को प्रतिमाह 3.52 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है.
