घटनास्थल से एक कट्टा, एक कारतूस और एक खोखा बरामद बिक्रमगंज. बिक्रमगंज के करियावाबाल के पास एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गयी. इससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी है. मृतक की पहचान बरना गांव निवासी सिंहासन सिंह के पुत्र दीपक सिंह (26 वर्ष) के रूप में हुई है. दीपक सिंह ट्रैक्टर किराये पर चलवाने का काम करता था. घटना के बाद पुलिस ने मौके से एक कट्टा, एक कारतूस और एक खोखा बरामद की है. इससे जांच हत्या और आत्महत्या के बीच उलझ गयी है. फिलहाल, पुलिस और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम मामले की गहन जांच कर रही है. परिजनों के अनुसार, दीपक सिंह सोमवार को अपनी बहन के गांव नोआव गया था. वहां दिनभर रुकने के बाद शाम करीब चार बजे वह अपने भगिना अंश कुमार के साथ बाइक पर बैठकर अपने गांव बरना के लिए निकला. लेकिन, रास्ते में बरना से पहले सलेमपुर पुल के पास बाइक से उतर कर उसने अंश को जाने के लिए कह दिया और खुद वहां से आगे बढ़ गया. इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला. अगले दिन सुबह करियावा बाल के पास उसकी लाश मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. युवक की बांये कनपटी में गोली लगी है. पुलिस आत्महत्या मानने पर तुली, लेकिन सवाल बरकरार पुलिस के अधिकारी इस मामले को आत्महत्या करार देने की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन परिजनों और स्थानीय लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर यह आत्महत्या थी, तो दीपक सिंह को इसके लिए इतनी दूर सुनसान जगह जाने की जरूरत क्यों पड़ी? स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस जगह युवक की लाश मिली, वहां सुबह 7 बजे तक खून के धब्बे ताजे थे, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि घटना सुबह करीब चार से 5 बजे के बीच की होगी. लेकिन, इसी समय नहर के उस पार करियावा बाल के फील्ड पर बड़ी संख्या में युवक-युवतियां दौड़ लगाने आते हैं. घटना वाले दिन भी वहां दर्जनों लोग मौजूद थे, तो फिर किसी ने गोली चलने की आवाज क्यों नहीं सुनी? मामले की जांच में जुटी पुलिस इन तमाम सवालों के जवाब फिलहाल पुलिस के पास नहीं हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए बिक्रमगंज के एसडीपीओ कुमार संजय मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. उन्होंने बताया कि फिलहाल मृतक के चाचा के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है. परिजनों का मानना है कि दीपक सिंह की हत्या की गयी है और पुलिस इस केस को आत्महत्या करार देकर मामले को जल्दी खत्म करना चाह रही है. वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इस घटना की निष्पक्ष जांच नहीं होती, वे शांत नहीं बैठेंगे. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेज दिया है और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है. लेकिन, यह मामला हत्या या आत्महत्या—इस सवाल का जवाब अब भी पुलिस के सामने चुनौती बना हुआ है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
