आज पहुंचेंगे तीन मजदूरों के शव, चौथे की बॉडी कल आने की संभावना
SASARAM NEWS.गुजरात के सूरत में हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले रोहतास जिले के चार मजदूरों का शव गांव लाये जा रहे हैं. इनमें से तीन मजदूरों का शव सोमवार की अहले सुबह उनके पैतृक गांव पहुंचेगा. जबकि चौथे मजदूर का शव मंगलवार को आने की संभावना है.
By Vikash Kumar | Updated at :
सूरत के डाइंग मिल में केमिकल टैंक की सफाई के दौरान हुई थी रोहतास के चार मजदूरों की मौत
शिवसागर.
गुजरात के सूरत में हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले रोहतास जिले के चार मजदूरों का शव गांव लाये जा रहे हैं. इनमें से तीन मजदूरों का शव सोमवार की अहले सुबह उनके पैतृक गांव पहुंचेगा. जबकि चौथे मजदूर का शव मंगलवार को आने की संभावना है.जानकारी के अनुसार तीनों शवों को शनिवार की शाम करीब छह बजे सूरत से एंबुलेंस के जरिये रवाना किया गया था. यह करीब 36 घंटे का सफर तय कर सोमवार को गांव पहुंचेगा. वहीं चौथे मजदूर का शव रविवार को सुबह करीब दस बजे सूरत से रवाना हुआ है, जो मंगलवार तक गांव पहुंचने की उम्मीद है. शव के आने की सूचना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिजन बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. मालूम हो कि शिवसागर थाना क्षेत्र के गिरधरियां गांव निवासी 26 वर्षीय धनंजय कुमार उर्फ सोनू पासवान, करगहर थाना क्षेत्र के घोरडीहा गांव निवासी अंकित कुमार, कोचस थाना क्षेत्र के कपसियां गांव निवासी संदीप पासवान और महेंद्र पासवान की मौत केमिकल ड्रम की सफाई के दौरान दम घुटने से हो गयी थी. सभी मजदूर गुजरात के सूरत शहर के पांडेसरा स्थित औद्योगिक क्षेत्र में पारस प्रिंट प्राइवेट लिमिटेड डाइंग मिल में काम करते थे. बताया जाता है कि यह हादसा गुरुवार की शाम करीब छह से आठ बजे के बीच हुआ था. होली के अवसर पर मिल में दो दिनों की छुट्टी थी. इसी दौरान मिल प्रबंधन ने केमिकल युक्त पानी के गहरे टैंक की सफाई कराने के लिए मजदूरों को अंदर उतार दिया. आरोप है कि मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के टैंक में भेज दिया गया, जिसके कारण अंदर फैली जहरीली गैस की चपेट में आने से एक-एक कर सभी मजदूर बेहोश हो गये.
धनंजय को बचाने के लिए अन्य तीन मजदूर उतरे थे टैंक में
जानकारी के अनुसार सबसे पहले धनंजय कुमार उर्फ सोनू पासवान को टैंक में उतारा गया था. जब वह बाहर नहीं निकला तो उसे बचाने के लिए अन्य मजदूर अंकित कुमार, संदीप पासवान और महेंद्र पासवान भी टैंक में उतर गये. लेकिन टैंक के अंदर फैली जहरीली गैस के कारण चारों अचेत होकर गिर पड़े. बाद में मिल के कर्मचारियों ने चारों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान सभी की मौत हो गयी.घटना की सूचना मिलने के बाद शनिवार की शाम रोहतास जिले के श्रम पदाधिकारी पीड़ित परिवारों से मिलने गांव पहुंचे थे. उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि शव गांव पहुंचने के बाद संबंधित विभाग को सूचना देकर आगे की कार्रवाई शुरू की जायेगी. साथ ही मजदूरों के परिजनों को सरकारी सहायता व मुआवजे की प्रक्रिया भी पूरी कराई जायेगी. फिलहाल गांव में मातम पसरा है और पूरे इलाके में इस घटना को लेकर शोक की लहर है.