नगर क्षेत्र के आठ किलोमीटर दायरे के शिक्षकों को मिलेगा आवास भत्ता

जिले में आठ नगर निकाय क्षेत्र में लगभग 219 स्कूल संचालित, बढ़ सकती है संख्या

खुशखबरी. कार्यपालक अभियंता से निर्गत दूरी प्रमाणपत्र होगा आधार

डीइओ ने सभी स्कूलों को प्रस्ताव तैयार कर समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का दिया निर्देश

जिले में आठ नगर निकाय क्षेत्र में लगभग 219 स्कूल संचालित, बढ़ सकती है संख्याफोटो-5- जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय. प्रतिनिधि, सासाराम ऑफिस

नगर निगम, नगर पर्षद और नगर पंचायत सीमा से आठ किलोमीटर के दायरे में स्थित स्कूलों में पदस्थापित शिक्षकों के लिए बड़ी राहत और खुशी की खबर है. अब इस परिधि के अंदर आने वाले प्राथमिक स्कूल, मध्य स्कूल, उत्क्रमित उच्च विद्यालय और प्लस टू स्कूल के कार्यरत शिक्षकों को संबंधित शहरी निकाय के समतुल्य आवास भत्ता देय होगा. यह आदेश शिक्षा विभाग, बिहार, पटना के अपर मुख्य सचिव के पूर्व निर्देश के आलोक में जिले में लागू किया गया है. इसको लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने आधिकारिक पत्र जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि जो सुविधा अभी केवल शहरी सीमा के अंदर कार्यरत शिक्षकों को मिल रही थी, वहीं सुविधा अब नगर निकाय सीमा से आठ किलोमीटर तक के दायरे में आने वाले शिक्षकों को भी मिलेगी. हालांकि, इसके लिए तय प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होगा.

निर्देश के अनुसार, लाभ केवल उन्हीं शिक्षकों को दिया जायेगा, जिनके स्कूल के लिए कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल द्वारा विधिवत दूरी प्रमाणपत्र निर्गत किया गया हो. प्रमाणपत्र में यह साफ उल्लेख होना चाहिए कि संबंधित स्कूल नगर निगम, नगर पर्षद या नगर पंचायत सीमा से आठ किलोमीटर के अंदर स्थित है. इसी प्रमाणपत्र के आधार पर आवास भत्ता की स्वीकृति और भुगतान सुनिश्चित किया जायेगा.

आवश्यक कागजात संलग्न कराने का निर्देश

डीइओ ने जिले के सभी प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक को निर्देश दिया है कि पत्र की तिथि के आधार पर पात्र शिक्षकों का प्रस्ताव यथाशीघ्र तैयार कर जमा करें, ताकि समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके. साथ ही सभी आवश्यक कागजात नियम के अनुरूप संलग्न कराने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी शिक्षक को लाभ से वंचित न होना पड़े. डीइओ ने यह भी स्पष्ट कहा है कि देर होने या नियमों के पालन में लापरवाही बरतने वाले स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही तय की जायेगी.

गौरतलब हो कि जिले में फिलहाल आठ नगर निकाय के अंतर्गत करीब 219 स्कूल हैं. अब आठ किलोमीटर दायरे को शामिल किये जाने के बाद इस संख्या में और बढ़ोतरी होने की संभावना है. इससे बड़ी संख्या में शिक्षकों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा और आवास संबंधी सुविधा में भी सहूलियत बढ़ेगी. शिक्षकों में इस निर्णय को लेकर संतोष और राहत का माहौल है.

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Published by: Anurag sharan

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