बंदोबस्ती जमीन पर तालाब खुदाई का विरोध, ग्रामीणों ने लघु सिंचाई कार्यालय घेरा

Sasaram News: सासाराम के नौहाटा प्रखंड के तिलोखर गांव के दलित और पिछड़ी जाति के बंदोबस्तधारी परिवारों ने अपनी कृषि भूमि पर तालाब खुदाई का आरोप लगाते हुए लघु सिंचाई प्रमंडल कार्यालय का घेराव किया. ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1988 से वे इस जमीन पर खेती कर रहे हैं और अब जबरन खुदाई कराई जा रही है.

Sasaram News (डॉ प्रमोद कुमार श्रीवास्तव): नौहाटा प्रखंड के ग्राम तिलोखर के बंदोबस्तधारी दलित एवं पिछड़ी जाति के महिला और पुरुषों ने लघु जल संसाधन विभाग के लघु सिंचाई प्रमंडल रोहतास सासाराम कार्यालय का घेराव किया . प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी बंदोबस्त वाली कृषि भूमि पर गलत तरीके से तालाब की खुदाई कराई जा रही है. ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1988 में बिहार सरकार द्वारा खाता संख्या 255 प्लॉट 33 की लगभग 7 एकड़ भूमि 31 परिवारों के नाम बंदोबस्त की गई थी और तभी से वे लोग उस जमीन पर खेती कर जीविका चला रहे हैं.

जेल भेजने और मारपीट की धमकी

ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दबंग और भूमाफियाओं की नजर लंबे समय से इस जमीन पर थी. बंदोबस्ती रद्द कराने के लिए कई मामले न्यायालय में दायर किए गए, लेकिन सभी मामलों को न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया. इसके बावजूद प्रशासनिक दबाव बनाकर तालाब निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों द्वारा जबरन खुदाई कराने और विरोध करने पर जेल भेजने और मारपीट की धमकी दी जा रही है.

कार्यालय घेराव का नेतृत्व भाकपा माले के जिला सचिव अशोक बैठा ने किया. उन्होंने चेतावनी दी कि गरीबों की जमीन पर जबरन कब्जा करने की कार्रवाई बंद नहीं हुई तो व्यापक जन आंदोलन चलाया जाएगा.

Also Read: समधन पर हमले से भड़के जीतन राम मांझी, पुलिस को दिया अल्टिमेटम, कहा- नहीं तो करेंगे आंदोलन

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: kumarsuryakant

kumarsuryakant is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >