Sasaram News (डॉ प्रमोद कुमार श्रीवास्तव): रोहतास जिले के सासाराम सहित पूरे क्षेत्र में बुधवार को मेडिकल दुकानें पूरी तरह बंद रहीं. दवा दुकानों की इस अचानक बंदी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. आपातकाल में अचानक दवा की जरूरत पड़ने पर लोगों को एक दुकान से दूसरी दुकान भटकना पड़ा और कई आवश्यक दवाएं न मिलने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई.
दवा व्यवसायियों की विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय प्रदेशव्यापी बंद
बीसीडीए (सेंट्रल वेस्ट जोन) के संयुक्त सचिव कमलेश कुमार सिन्हा ने बताया कि यह एक दिवसीय सांकेतिक बंदी बिहार केमिस्ट्स एण्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर की गई है. दवा व्यवसायियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर पूरे प्रदेश के मेडिकल दुकानदारों ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी दुकानें बंद रखी हैं. एसोसिएशन का कहना है कि सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था.
ऑनलाइन बिक्री पर रोक और नकली दवाओं पर सख्त नियंत्रण की मांग
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार से मुख्य रूप से ऑनलाइन दवा बिक्री पर तुरंत रोक लगाने, कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा दी जा रही भारी डिस्काउंट व्यवस्था को समाप्त करने और बाजार में नकली दवाओं की बिक्री पर सख्त नियंत्रण लगाने की मांग की जा रही है. दवा व्यवसायियों का आरोप है कि ऑनलाइन और बड़े कॉर्पोरेट घरानों के इस कारोबार के कारण छोटे और स्थानीय मेडिकल दुकानदारों का व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.
मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहा है नकली दवाओं का बढ़ता बाजार
दवा दुकानदारों का कहना है कि बाजार में नकली दवाओं का बढ़ता कारोबार न सिर्फ उनके व्यापार को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि सीधे तौर पर मरीजों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है. इस पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है. मेडिकल दुकानदारों ने चेतावनी भरे लहजे में सरकार से जल्द से जल्द उचित और सकारात्मक कदम उठाने की मांग की है, ताकि छोटे व्यापारियों का अस्तित्व बच सके.
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