सासाराम में जनता दरबार में गूंजा जमीन विवाद का मुद्दा, सरकारी गली और नाली जाम करने वालों पर DM सख्त

Sasaram Janta Darbar: सासाराम समाहरणालय में ‘सबका सम्मान - जीवन आसान’ कार्यक्रम के तहत डीएम की अध्यक्षता में जनता दरबार लगा. नाली विवाद और भूमि मामलों के त्वरित निष्पादन का आदेश. पूरी रिपोर्ट पढ़ें.

Sasaram Janta Darbar(प्रमोद कुमार श्रीवास्तव): बिहार के रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम में आम जनता की समस्याओं के सीधे निवारण के लिए प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है. समाहरणालय परिसर स्थित डीआरडीए (DRDA) सभागार में शुक्रवार को ‘सबका सम्मान – जीवन आसान’ कार्यक्रम के तहत जिला पदाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में एक भव्य जनता दरबार का आयोजन किया गया. इस जनता दरबार में रोहतास जिले के विभिन्न दूर-दराज के प्रखंडों, गांवों और शहरी क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों पीड़ितों ने अपनी गंभीर समस्याओं, मांगों और शिकायतों से संबंधित लिखित आवेदन जिला अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए.

सरकारी गली और जल निकासी का रास्ता बंद करने वालों की अब खैर नहीं

इस बार के जनता दरबार में जो सबसे प्रमुख और संवेदनशील मामले सामने आए, वे भूमि विवाद से जुड़े हुए थे. जिले के कई अलग-अलग गांवों से आए ग्रामीणों ने लिखित शिकायत दर्ज कराई कि उनके घरों के मुख्य निकास मार्ग और सरकारी अनाबाद सर्वसाधारण गली में बहने वाली नालियों को कुछ स्थानीय लोगों द्वारा जबरन और अवैध रूप से बंद कर दिया गया है. इस मनमानी के कारण पूरे मोहल्ले में जल निकासी ठप हो गई है और लोगों का अपने ही घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है.

इन शिकायतों को जिला पदाधिकारी ने अत्यंत गंभीरता से लिया. उन्होंने ऑन-द-स्पॉट संबंधित अंचलाधिकारी (CO) और पुलिस अधिकारियों को संयुक्त रूप से इन क्षेत्रों का भौतिक सत्यापन करने और सरकारी रास्तों से अवैध कब्जा हटाने का कड़ा निर्देश जारी किया.

बिजली, पानी और राशन कार्ड से जुड़ी समस्याओं की फाइलों का भी हुआ निपटारा

जनता दरबार में भूमि विवाद के अलावा अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें भी प्रचुर मात्रा में प्राप्त हुईं. इनमें मुख्य रूप से राजस्व विभाग की पेंडिंग फाइलें, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ न मिलना, जन वितरण प्रणाली (PDS) यानी राशन दुकानदारों की मनमानी, बिजली बिल में गड़बड़ी, भीषण गर्मी में पेयजल संकट और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित मामले शामिल रहे.

जिला पदाधिकारी ने एक-एक आवेदन पर गौर करते हुए उन्हें तुरंत संबंधित तकनीकी और प्रशासनिक विभागों को ऑनलाइन अग्रसारित (फॉरवर्ड) कर दिया. इसके साथ ही उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर इन सभी जन-शिकायतों का शत-प्रतिशत पारदर्शी निष्पादन सुनिश्चित करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया.

जिला प्रशासन ने इस संबंध में स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि ‘सबका सम्मान – जीवन आसान’ अभियान का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि प्रशासनिक लालफीताशाही को खत्म कर आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जा सके. प्रशासन का प्रयास है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी सरकारी सेवाओं और न्याय का लाभ सहज रूप से मिल सके. इस मौके पर जिले के कई वरीय प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में फरियादी मौजूद रहे.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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