Sasaram EOU Raid : रोहतास जिले के सासाराम में आर्थिक अपराध इकाई (EOU ) ने बड़ी कार्रवाई की. लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के खिलाफ छापेमारी शुरू की है. शुरुआती जांच में एक करोड़ 19 लाख 98 हजार 534 रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति का मामला सामने आया है, जो उनकी ज्ञात आय से करीब 85 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है. यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में की जा रही है.
अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के 6 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. EOU की इस रेड से इलाके में हड़कंप मच गया है. आर्थिक अपराध इकाई की टीम पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में इस कार्रवाई को अंजाम दे रही है.
पटना से लेकर सासाराम तक छापेमारी
जानकारी के अनुसार, पटना और रोहतास समेत कई जगहों पर एक साथ रेड चल रही है. पटना के दानापुर स्थित आदमपुर इलाके में वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 405, चौथे टावर में टीम ने छापेमारी की है. इसके अलावा आशापुर दानापुर स्थित एक अन्य फ्लैट पर भी जांच की जा रही है.
मुजफ्फरपुर के महमाया स्थान स्थित ससुराल और सासाराम स्थित सरकारी कार्यालय में भी टीम पहुंची हुई है. वहीं डेहरी ऑन सोन स्थित सरकारी आवास और बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र अंतर्गत पैतृक गांव पीपरडीह में भी तलाशी अभियान चल रहा है.
आर्थिक अपराध इकाई का केस दर्ज
आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 15/26, दिनांक 29 जुलाई 2026 के तहत यह मामला दर्ज किया गया है. यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धाराओं के तहत की जा रही है. विशेष न्यायालय, निगरानी पटना से तलाशी वारंट मिलने के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई.
अधिकारियों के मुताबिक, विश्वसनीय सूचना के आधार पर जांच शुरू की गई थी, जिसमें आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य मिले हैं.
दस्तावेजों और संपत्ति की हो रही जांच
छापेमारी के दौरान विभिन्न ठिकानों से दस्तावेज, संपत्ति के कागजात और अन्य महत्वपूर्ण सबूतों की जांच की जा रही है. टीम यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध संपत्ति किस तरह अर्जित की गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका हो सकती है.
अधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान पूरा होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी.
इलाके में चर्चा का विषय बनी कार्रवाई
इस कार्रवाई के बाद सासाराम और आसपास के इलाकों में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है. लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं.
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल सभी ठिकानों पर तलाशी का काम जारी है.
