सेवा, समर्पण और त्याग के लिए स्वास्थ्यकर्मियों ने सराहा योगदान प्रतिनिधि, सासाराम सदर. जिले में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया. चिकित्सा जगत की रीढ़ मानी जाने वाली नर्सों के समर्पण, सेवा और त्याग को सम्मान देने के लिए जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कई कार्यक्रम आयोजित किये गये. आधुनिक नर्सिंग की जनक फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में स्वास्थ्य कर्मियों ने नर्सों के योगदान को सराहा. सदर अस्पताल सासाराम में आयोजित मुख्य समारोह में जिले के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया. कार्यक्रम की शुरुआत फ्लोरेंस नाइटिंगेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गयी. इस दौरान अस्पताल परिसर में नर्सों के सम्मान में विशेष सभा आयोजित हुई, जिसमें उनके कार्यों और सेवाओं की चर्चा की गयी. सदर अस्पताल में कार्यरत नर्स जुली लता ने कहा कि नर्सें दिन-रात मरीजों की सेवा में तत्पर रहती हैं. मरीजों की देखभाल, समय पर दवा उपलब्ध कराना और कठिन परिस्थितियों में उनका मनोबल बढ़ाना नर्सों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है. उन्होंने कहा कि मरीजों की सेवा ही उनके लिए सबसे बड़ा धर्म है. स्वास्थ्य व्यवस्था में नर्सों का योगदान अतुलनीय कार्यक्रम में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ आसीत रंजन ने कहा कि डॉक्टर मरीजों का इलाज करते हैं. उस इलाज को सफल बनाने और मरीज के चेहरे पर मुस्कान लौटाने में नर्सों की निस्वार्थ सेवा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में नर्सों का योगदान अतुलनीय है. इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों में कार्यरत उन नर्सों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने टीकाकरण अभियान, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य किया है. सम्मानित नर्सों ने मानवता और सेवा भावना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मरीजों की सेवा जारी रखने का संकल्प लिया.
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर नर्सें सम्मानित
सेवा, समर्पण और त्याग के लिए स्वास्थ्यकर्मियों ने सराहा योगदान
