रोहतास: कोचस के हरिदासपुर में पेयजल का गंभीर संकट, भूजल स्तर गिरने और बिजली कटने से हाहाकार.

रोहतास जिले के हरिदासपुर गांव में भीषण पेयजल संकट है। भूजल स्तर गिरने और बिजली कटौती से हैंडपंप और सबमर्सिबल पंप बंद हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों को पानी की भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है। ऊंचे डेरा क्षेत्र की समस्या और भी गंभीर है।

Sasaram News: रोहतास जिले के कोचस प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत नरवर पंचायत स्थित हरिदासपुर गांव में इन दिनों पेयजल संकट लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है. आलम यह है कि गांव के कई सरकारी एवं निजी हैंडपंप पूरी तरह खराब हो चुके हैं और भूजल स्तर अत्यधिक नीचे चले जाने के कारण पानी देना बंद कर चुके हैं. इससे स्थानीय ग्रामीणों को पीने और रोजमर्रा के घरेलू उपयोग के लिए पानी जुटाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

समरसेबल पंप भी पड़े बंद

रोहतास के इस प्रभावित गांव में शनिवार की देर रात लगभग 12 बजे के बाद अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी. इसके कारण गांव के तमाम निजी सबमर्सिबल पंप भी पूरी तरह बंद हो गये. बिजली कटने की वजह से सुबह तक गांव में पानी के लिए चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. लोगों को सुबह के समय पीने, खाना बनाने तथा अन्य आवश्यक घरेलू कार्यों के लिए भी पानी जुटाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.

ऊंचाई पर होने से आफत

रोहतास के हरिदासपुर के डेरा क्षेत्र के लोगों की समस्या भौगोलिक कारणों से और भी अधिक बढ़ गई है. ग्रामीणों के अनुसार वहां तक सरकारी नल-जल योजना की पाइपलाइन से पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाता है, क्योंकि उनका डेरा काफी ऊंचाई पर स्थित है और जलापूर्ति का मुख्य स्रोत नीचे है. मोटर चालू होने के कुछ समय बाद ही पानी की आपूर्ति बंद हो जाती है, जिससे इस योजना का उन्हें कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है.

इन परिवारों को भारी परेशानी

रोहतास के इस डेरा क्षेत्र में रहने वाले छोटेलाल, विनोद कुमार (अमीन), मुन्ना, प्रिंस कुमार, अनिल सिंह, उमाशंकर सिंह, रामराज सिंह, श्याम लाल सिंह, उदय नारायण सिंह, हिरामन और विकास सहित कई परिवारों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है. इन परिवारों को रोजाना पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे उनके समय और श्रम दोनों का भारी नुकसान हो रहा है.

गहरे बोरिंग की है मांग

रोहतास के हरिदासपुर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जरूरत वाले चिन्हित स्थानों पर गहरे बोरिंग वाले नये हैंडपंप लगाए जाएं. इसके साथ ही डेरा क्षेत्र में पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी सुधार किए जाएं और ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति नियमित रखी जाए. ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गये तो आने वाले दिनों में यह संकट और भी भयावह रूप ले सकता है.

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Author: Ramesh Kumar

Published by: Vikash Jha

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