प्रतिनिधि, सासाराम कोर्ट अगरेर थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव में सात वर्ष पूर्व हुए 14 वर्षीय मनु कुमार की हत्या से जुड़े मामले में शनिवार को जिला जज चतुर्थ अनिल कुमार की अदालत ने फैसला सुनाया. अदालत ने इस मामले में चार आरोपितों को दोषी ठहराया है. दोषी करार दिये गये आरोपितों में सुमन देवी उर्फ चूमन देवी, दूधेश्वर चौधरी, फूलचंद चौधरी और प्रकाश चौधरी शामिल हैं. सभी आरोपित भगवानपुर, अगरेर के निवासी हैं.मामले की प्राथमिकी अगरेर थाना कांड संख्या 23/2019 के तहत मृतक के पिता अशोक चौधरी के लिखित आवेदन पर दर्ज की गयी थी. इस कांड का ट्रायल सत्रवाद संख्या 367/2022 के रूप में जिला जज चतुर्थ की अदालत में चल रहा था. अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अपर लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि यह घटना 5 मार्च 2019 की है. घटना के दिन को शाम करीब 7:20 बजे मनु कुमार अपने घर से खाना खाकर बिना बताये कहीं बाहर चला गया था. रात 11:00 बजे तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन रात भर खोजबीन के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला. अगली सुबह करीब 9:00 बजे गांव के ही कृष्णा चौधरी खेत की पटवन करने गये, जहां सरसों के खेत में मनु की रक्तरंजित लाश पड़ी मिली. सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे तो देखा कि मनु के शरीर पर कई स्थानों पर चाकू से गोदने के निशान थे. मामले में हत्या के पीछे अवैध संबंध का कारण सामने आया था. अभियोजन पक्ष की ओर से कुल नौ गवाहों की गवाही न्यायालय में करायी गयी. कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद चारों आरोपितों को दोषी ठहराया है. इस मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई 21 जनवरी को होगी.
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