नारी शक्ति के बिना विकसित भारत संभव नहीं

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने खोले महिला उत्थान के नये आयाम

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने खोले महिला उत्थान के नये आयाम

वीरांगना फाउंडेशन की बैठक में संगठन विस्तार का निर्णय

प्रतिनिधि, सासाराम ऑफिस.

नारी शक्ति के बिना विकसित भारत की कल्पना को साकार नहीं किया जा सकता है. हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में महिलाओं की अहम भूमिका ने महिला उत्थान के नये द्वार खोल दिये हैं. यह बातें अंतरराष्ट्रीय क्षत्रिय वीरांगना फाउंडेशन बिहार की रोहतास जिला इकाई की महामंत्री कुमुद सिंह ने गौरक्षिणी स्थित संगठन की बैठक के दौरान कहीं. बैठक की अध्यक्षता कर रही जिला इकाई की अध्यक्ष कुमकुम सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि नारी शक्ति का गौरवशाली इतिहास रहा है. चाहे अहिल्याबाई होलकर हों या झांसी की रानी लक्ष्मी बाई सभी ने अपनी पराक्रम से मिसाल कायम की है. आज आधुनिक भारत में भी महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही हैं. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि संगठन के विस्तार के लिए शहर से लेकर गांवों तक उन वीरांगनाओं की पहचान की जायेगी, जो समाज और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. उन्हें संगठन से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जायेगा. बैठक में वार्ड पार्षद सुनीता सिंह, कोषाध्यक्ष रिंकी सिंह, संध्या सिंह, शीला सिंह, अंजू सिंह, अनीता सिंह, सत्या सिंह सहित कई अन्य सदस्य भी उपस्थित रहीं और अपने विचार रखे.

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Published by: Anurag sharan

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