Rohtas News : हीरा आभूषण दुकान में दिनदहाड़े हुई हथियारबंद लूट की घटना के बाद बिक्रमगंज में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल तेज हो गए हैं. घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिली है. वारदात ऐसे इलाके में हुई, जहां पास ही बैंक ऑफ बड़ौदा और सामने बैंक ऑफ इंडिया की शाखा है. इसके बावजूद अपराधी लाखों रुपये के आभूषण लेकर फरार हो गए.
व्यापारियों ने दुकानें बंद कर जताया विरोध
घटना के विरोध में शुक्रवार को नगर के स्वर्ण व्यवसायियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं. व्यापारियों का कहना है कि लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं के कारण वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की.
हर बड़ी घटना के बाद दावे, लेकिन नतीजे नहीं
व्यापारियों का आरोप है कि हर बड़ी वारदात के बाद पुलिस जल्द खुलासे का दावा करती है, लेकिन समय बीतने के साथ मामले ठंडे बस्ते में चले जाते हैं. उनका कहना है कि इससे अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं और पुलिस पर भरोसा कमजोर हो रहा है.
डीएसपी बोले- सभी बिंदुओं पर हो रही जांच
डीएसपी सिंधु शेखर सिंह ने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है. अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही मामले का सफल उद्भेदन किया जाएगा.
पुराने बड़े मामलों का भी नहीं हुआ खुलासा
2016 की लूट आज भी अनसुलझी
24 मई 2016 को रजिस्ट्री ऑफिस के पास आभूषण व्यवसायी सत्येंद्र प्रसाद से उनके घर के बाहर हथियार के बल पर नकदी से भरा बैग लूट लिया गया था. वर्षों बाद भी इस मामले में पुलिस कोई ठोस सफलता हासिल नहीं कर सकी.
2018 में पेट्रोल पंप लूट का भी नहीं मिला सुराग
10 जुलाई 2018 को मानी स्थित पूर्व मंत्री तुलसी सिंह के सोनफुला पेट्रोल पंप पर देर रात कथित कच्छा-बनियान गिरोह ने करीब ढाई लाख रुपये की लूट की थी. इस मामले का भी अब तक खुलासा नहीं हो पाया है.
2020 की ज्वेलरी चोरी भी बनी पहेली
20 फरवरी 2020 को डीएसपी आवास के सामने स्थित लालाजी आभूषण दुकान में पीछे के रास्ते से घुसकर लाखों रुपये के गहनों की चोरी हुई थी. इस चर्चित मामले में भी पुलिस अब तक अपराधियों तक नहीं पहुंच सकी.
2025 की बरामदगी पर भी उठे सवाल
पुलिस ने 14 जुलाई 2025 को एक आभूषण चोरी मामले का खुलासा करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था और करीब 40 लाख रुपये मूल्य के गहने बरामद किए थे. हालांकि, बरामद आभूषणों पर किसी भी दुकानदार ने दावा नहीं किया. यह भी स्पष्ट नहीं हो सका कि गहने किसके थे और उनके वास्तविक मालिक तक वे क्यों नहीं पहुंच सके. इस मामले को लेकर भी कई सवाल अब तक अनुत्तरित हैं.
व्यापारियों की मांग
स्वर्ण व्यवसायियों का कहना है कि लगातार लंबित मामलों और हालिया लूट की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने पुलिस से अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी, पुराने मामलों के खुलासे और बाजार क्षेत्र में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.
