सासाराम रेलवे स्टेशन पर नेताजी एक्सप्रेस से तस्करी के 311 कछुआ बरामद

नेताजी एक्सप्रेस के सामान्य कोच से 311 कछुआ बरामद

शिकंजा. शनिवार की देर रात आरपीएफ ने ट्रेन में की छापेमारी

यूपी की तरफ से कछुओं की तस्करी कर ट्रेन से ले जाते हैं पश्चिम बंगाल

बरामद कछुओं को आरपीएफ ने वन विभाग को सौंपा

जब्त कछुए की अनुमानित कीमत 3.11 लाख रुपये आंकी गयी

फोटो-2- बरामद कछुओं के साथ आरपीएफ की टीम़

प्रतिनिधि, सासाराम ग्रामीण

सासाराम रेलवे स्टेशन पर शनिवार की देर रात 11.45 बजे आरपीएफ ने ट्रेन संख्या 12312 डाउन नेताजी एक्सप्रेस के सामान्य कोच से 311 कछुओं को बरामद किया. हालांकि, इसमें किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. इसकी जानकारी आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने दी. उन्होंने बताया कि शनिवार की रात सूचना प्राप्त हुई कि नेताजी एक्सप्रेस के आगे वाले सामान्य कोच में कुछ बैगों में कछुआ रखे हुए हैं. प्राप्त सूचना पर निरीक्षक प्रभारी संजीव कुमार, रेसुब पोस्ट सासाराम के नेतृत्व में दीपेंद्र सिंह राणावत, दिनेश्वर राम, राकेश कुमार कन्नोजिया, विकास कुमार सिंह व विमलेश भारती ने प्लेटफाॅर्म नंबर तीन पर आगे की तरफ हावड़ा छोर पर पहुंचे. उसी दौरान गाड़ी संख्या 12312 डाउन नेताजी एक्सप्रेस के प्लेट फॉर्म नंबर तीन पर पहुंची. आगमन पर आगे से पहला सामान्य कोच संख्या इआर/257133/सी को अटेंड कर चेक करने पर उसमें सीटों के नीचे लावारिस हालत मे बोरे व बैग में कछुआ रखे हुए पाये गये. इस संबंध में कोच के यात्रियों से पूछताछ करने पर किसी यात्री ने उसे अपना नहीं बताया. इसके बाद उक्त सभी बोरे व बैगों को खोलकर चेक करने पर उनमें जीवित कछुए पाये गये, जिस पर मौके की वीडियोग्राफी करते हुए उक्त सभी बोरा व बैगों को स्टाफ की मदद से एक-एक कर कोच से नीचे प्लेटफॉर्म पर उतारा गया और सभी बोरा व बैगों को चेक करने पर कुल 311 कछुआ सामान्य प्रजाति के जीवित अवस्था मे बरामद हुए. उन्हें सावधानी से आरपीएफ पोस्ट लाया गया. इसके बाद इसकी सूचना वन विभाग सासाराम को सूचित किया गया. सूचना पर वन विभाग से वन परिसर पदाधिकारी अमलेश कुमार पहुंचे. जिन्हें उक्त सभी 311 कछुओं को उचित संरक्षण के लिए व अग्रिम कार्यवाही के लिए जीवित अवस्था मे सही-सलामत समय उसी रात 12.15 बजे सुपुर्द कर दिया गया. उन्होंने बताया कि 311 कछुओं की अनुमानित कीमत 3.11 लाख रुपये आंकी गयी है.

वर्ष 2021 में भी दून एक्सप्रेस से बरामद हुए थे 48 कछुए

शनिवार की रात कछुओं की बरामद कोई नया नहीं है. पूर्व में भी कई बार जीवित कछुओं की बरामदगी हो चुकी है. 24 जून 2021 को सासाराम रेलवे स्टेशन पर डाउन देहरादून हावड़ा एक्सप्रेस की बोगी से आरपीएफ ने 48 जिंदा कछुओं को बरामद किया था. उस दौरान भी तस्कर पुलिस के हाथ नहीं लग पाये थे.

महिला तस्कर भी हैं सक्रिय

एक दशक पूर्व वर्ष 2016 में सासाराम मुफस्सिल थाने की पुलिस ने कछुओं से लदा एक सूमो बरामद किया था. इसमें चार महिला तस्करों के साथ भारी संख्या में कछुए बरामद किये गये थे. गिरफ्तार महिला तस्कर उत्तर प्रदेश के उन्नाव की रहने वाली थी. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यूपी की तरफ से कछुआ तस्करी कर ट्रेन के माध्यम से तस्कर पश्चिम बंगाल में ले जाकर बेचते हैं. इससे कई दवा का निर्माण भी किया जाता है. वन्य जीव के रूप में कछुआ संरक्षित होने के बाद उसकी खरीद-बिक्री व लाना-ले जाना प्रतिबंधित है. आरपीएफ के अधिकारियों की मानें, तो तस्कर ट्रेन के माध्यम से इसकी तस्करी करते हैं.

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Published by: Anurag sharan

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