मांझी. कृषि विज्ञान केंद्र में उर्वरक लाइसेंस के लिए 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत समेकित पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर द्वितीय बैच का शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि विज्ञान केंद्र, मांझी के वरीय वैज्ञानिक व प्रधान डॉ संजय कुमार राय, डॉ सुरेन्द्र प्रसाद, सहायक प्राध्यापक (कीट विज्ञान विभाग), डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा, उद्यान विशेषज्ञ डॉ जितेन्द्र चंदोला, कृषि अभियांत्रिकी विशेषज्ञ डॉ सुषमा टम्टा, पौधा संरक्षण विशेषज्ञ डॉ जीर विनायक, डॉ विजय कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी मांझी चूल्हन राम, बीसीओ मांझी श्री मुकेश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर के किया. कृषि विज्ञान केन्द्र मांझी के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ संजय कुमार राय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी प्रशिक्षाणर्थीयों को समेकित पोषक तत्व प्रबंधन, मिट्टी का खेती में महत्व एवं किसानों को सही जानकारी देने की बात करते हुए, पंचतत्व मिट्टी, जल, वायु, अग्नि एवं आकाश की चर्चा करते हुए मिट्टी एवं पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया. आज के ट्रेनिंग के मुख्य वक्ता डॉ सुरेन्द्र प्रसाद, सहायक प्राध्यापक (कीट विज्ञान विभाग) डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा ने फॉर्म यार्ड मैंनयूर, गोबर के खाद, हरी खाद बनाने की विधि के साथ इनका खेती में उपयोग एवं महत्व के बारे में विस्तृत में बताया. कृषि विज्ञान केन्द्र, मांझी के उद्यान विशेषज्ञ डॉ जितेन्द्र चंदोला ने प्रशिक्षणर्थीयों का केन्द्र में स्वागत करते हुए सरकार द्वारा लागू की गयी. इस प्रशिक्षण के उद्दश्यों के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए मिट्टी स्वास्थ्य से जुडे पहलुओं पर चर्चा की. उन्होंने मिट्टी की पोषक तत्वों मुख्यत: सुक्ष्म पोषक तत्वों का प्रबंधन कर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन की चर्चा की एवं मिट्टी जांच पर विशेष जोर दिया. इस प्रशिक्षण के प्रशिक्षक डॉ सुषमा टम्टा ने प्रशिक्षण के विषय की रूपरेखा के बारे में विस्तृत रूप से बताया, जिसमें उन्होंने कहा कि 15 दिनों में कुल 44 विषयों पर प्रशिक्षण होगा. जिसमें कृषि विज्ञान केन्द्रों एवं विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से प्रशिक्षक आयेंगे. प्रखंड कृषि पदाधिकारी मांझी श्री चूल्हन राम ने सभी पोषक तत्व एवं उनका पौधों में महत्व के बारे में विस्तृत में बताया. डॉ जीर विनायक एवं डॉ विजय कुमार ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन डॉ सुषमा टम्टा एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ जितेन्द्र चन्द्र चन्दोला ने किया. प्रशिक्षण में सारण जिले के 15 प्रखंडों से 40 लोग भाग ले रहे हैं. कृषि विज्ञान केन्द्र से अमितेश कुमार गौरव, रामा रंजन, राकेश कुमार, उमाशंकर, अवनीश पांडेय एवं संतोष कुमार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया.
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