छपरा. जिले में वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. कुछ मरीजों में डेंगू के प्रारंभिक लक्षण मिलने की बात सामने आयी है. हालांकि अब तक जांच में किसी भी मरीज में डेंगू नहीं निकला है. लेकिन डेंगू की संभावित चुनौतियों से निबटने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है. सदर अस्पताल समेत सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है.
डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है. सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा के निर्देश पर सदर अस्पताल के प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद ने गुरुवार को सदर अस्पताल के डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया. यहां 10 बेड उपलब्ध कराया गया है. हालांकि अब तक इस वर्स में एक भी डेंगू पीड़ित मरीज एडमिट नहीं हुए हैं. लेकिन कुछ वायरल पीड़ित गंभीर मरीजों का इलाज इसी वार्ड में किया गया. दो चिकित्सकों को भी इस वार्ड के लिए नियुक्त किया गया है. सिविल ने कहा है कि डेंगू एवं चिकनगुनिया नियंत्रण के लिए सदर अस्पताल में 10 बेड सभी अनुमंडलीय अस्पतालों में चार बेड तथा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दो-दो बेड सुरक्षित किया गया है. सभी बेड को मेडिकेटेड मच्छरदानी युक्त किया गया है. साथ ही संबंधित मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त मात्रा में दवा की व्यवस्था सभी अस्पतालों में उपलब्ध है. जिला में रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है, तथा एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है. जिला में डेंगू नियंत्रण के लिए नोडल चिकित्सा पदाधिकारी एवं फॉगिंग तथा लार्विसाइडल स्प्रे के लिए नोडल पदाधिकारी बनाया गया है.सावधान रहें, इस समय ही पनपते हैं डेंगू फैलाने वाले मच्छर
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि बरसात के मौसम में डेंगू फैलाने वाले एडिस मच्छर घरों के आसपास बिखरे टूटे फूटे बर्तनों, गमलों, टायर, छोटे छोटे प्लास्टिक या कागज के डिस्पोजेबल कप, नारियल के खोप आदि में जमा बारिश के पानी में अंडे देते हैं, जो एक सप्ताह में मच्छर बन जाते हैं. इसे रोकने के लिए घरों के आस पास, छतों पर या घर के अन्दर पानी जमा न होने दें और सप्ताह में दो बार पानी को बदलते रहें. एडिस मच्छर साफ पानी मे पनपता है और दिन मे ही काटता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
