Ami 3rd Somwari : सारण के दिघवारा प्रखंड स्थित आमी के मां अंबिका भवानी मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. सुबह से देर शाम तक मंदिर परिसर और गंगा घाट पर भक्तों की चहल-पहल बनी रही. श्रद्धालुओं ने पहले गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और फिर गंगाजल लेकर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया. इसके बाद कतार में लगकर मां अंबिका भवानी के दर्शन किए.
सुबह से ही मंदिर परिसर में जुटने लगे श्रद्धालु
सावन की तीसरी सोमवारी पर आमी स्थित मां अंबिका भवानी मंदिर में श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ देखने को मिली. मंदिर परिसर सुबह से ही शिवभक्तों से भर गया. अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ भगवान शिव और मां अंबिका भवानी की पूजा-अर्चना की.
50 हजार से अधिक भक्तों ने किया जलाभिषेक
बताया गया कि तीसरी सोमवारी के अवसर पर 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ का जलाभिषेक किया. श्रद्धालु पहले गंगा घाट पहुंचे और वहां आस्था की डुबकी लगाकर गंगाजल भरा. इसके बाद मंदिर पहुंचकर गर्भगृह के उत्तरी छोर पर स्थित विशालकाय भोलेनाथ की मूर्ति के समीप बने शिवलिंग पर जल अर्पित किया.
लंबी कतार में लगकर किया जलाभिषेक
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण जलाभिषेक के लिए लंबी कतार लगी रही. भक्तों को अपनी बारी के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा. इसके बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी. हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण भक्तिमय बना रहा.
जलाभिषेक के बाद मां अंबिका के दर्शन
भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के बाद श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मां अंबिका भवानी के दर्शन के लिए पहुंचे. गर्भगृह के बाहर से भक्तों ने मां के दर्शन किए और परिवार की सुख-शांति एवं मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की.
पुजारियों ने कराया विधिवत पूजन
मंदिर के गर्भगृह में मौजूद पुजारियों ने श्रद्धालुओं के प्रसाद और चुनरी को मां के पिंड पर अर्पित कराया. मन्नत पूरी होने के बाद पहुंचे कई श्रद्धालुओं ने मां अंबिका भवानी को चुनरी चढ़ाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की. मंदिर परिसर में पूरे दिन पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा.
जयकारों से गूंजता रहा आमी
तीसरी सोमवारी पर आमी में धार्मिक उत्साह चरम पर रहा. बोल बम, हर-हर महादेव और मां अंबिका भवानी की जय के जयकारों से मंदिर और आसपास का क्षेत्र गूंजता रहा. श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते और गाते हुए मंदिर की ओर बढ़ते नजर आए.
सुरक्षा को लेकर पुलिस रही मुस्तैद
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. पुरुष और महिला प्रवेश द्वार के अलावा मंदिर परिसर के अलग-अलग हिस्सों में पुलिस पदाधिकारी और जवान तैनात रहे. थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार दल-बल के साथ व्यवस्था की निगरानी करते दिखे.
श्रद्धालुओं की सुविधा में जुटे रहे पुजारी और सेवक
मंदिर के पुजारियों और सेवकों ने भी श्रद्धालुओं को पूजा और दर्शन कराने में सहयोग किया. रितेश तिवारी समेत मंदिर से जुड़े कई पुजारी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सक्रिय रहे. भीड़ को व्यवस्थित रखने में स्थानीय लोगों ने भी सहयोग किया.
गंगा घाट से मंदिर तक भक्तिमय रहा माहौल
दिघवारा, दरियापुर, गरखा और परसा समेत आसपास के प्रखंडों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आमी पहुंचे. कई श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते-नाचते हुए गंगा घाट तक पहुंचे. गंगा में जलभरी करने के बाद भक्तों ने मां अंबिका भवानी के दर्शन किए और फिर अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालयों में जलाभिषेक के लिए रवाना हुए.
दुकानों पर भी रही भीड़
श्रद्धालुओं की भारी संख्या का असर मंदिर के आसपास के बाजार पर भी दिखा. पूजा सामग्री, प्रसाद और अन्य सामान की दुकानों पर दिनभर भीड़ रही. महिला श्रद्धालु व्यक्तिगत और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी करती भी नजर आईं.
कई स्थानों पर आयोजित किए गए कार्यक्रम
तीसरी सोमवारी को आमी के साथ दिघवारा और आसपास के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के शिवालयों में भी विशेष तैयारियां की गई थीं. व्रतधारी महिलाओं समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर शाम तक मंदिरों में पूजा-अर्चना करते रहेंगे. कई स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए.
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