saran news : छपरा. सारण जिले के सदर प्रखंड स्थित दो चर्चित और बड़े प्राइवेट स्कूलों पर शिक्षा विभाग कभी भी ताला जड़ सकता है. फिलहाल विभाग ने विद्यालय की प्रस्वीकृति रद्द करने की अनुशंसा राज्य मुख्यालय से कर दी है. इनमें से एक स्कूल जिलाधिकारी आवास रोड में स्थित बताया गया है.
विद्यालय पर आरोप है कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत चयनित बच्चों के नामांकन में निर्धारित प्रावधान के बावजूद अवैध रूप से शुल्क की वसूली की गयी. इस संबंध में लगभग पांच अभिभावकों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन देकर जिलाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी से शिकायत की थी. शिकायत के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत किरण ने स्वयं विद्यालय में पहुंचकर जांच की. जांच के बाद तैयार विस्तृत रिपोर्ट में विद्यालय प्रशासन की लापरवाही और मनमानी को उजागर किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि विद्यालय द्वारा आरटीइ अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(c) का अनुपालन नहीं किया जा रहा है तथा विभागीय आदेशों की अवहेलना की गयी है. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि विद्यालय प्रशासन द्वारा नियमों को नजरअंदाज कर गुमराह करने का प्रयास किया गया, जो सीधे तौर पर अधिनियम का उल्लंघन है. इसी आधार पर बिहार राज्य बच्चों की मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली 2011 के प्रावधानों के तहत प्रस्वीकृति प्रत्याहरण की कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है.saran news : दो बड़े निजी स्कूलों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की अनुशंसा, तालाबंदी की तैयारी
saran news : आरटीइ के तहत नामांकन में अवैध वसूली और आदेश उल्लंघन का गंभीर आरोप
