saran news : छपरा. आगामी मॉनसून और बाढ़ की किसी भी संभावित स्थिति से निबटने के लिए जिला प्रशासन अभी से ही अलर्ट मोड में आ गया है और अपनी तैयारियों में जुट गया है. डीएम ने मंगलवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की. बैठक में बाढ़ पूर्व तैयारियों, कटाव निरोधक कार्यों और आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गयी.
कटाव निरोधक व बाढ़ नियंत्रण कार्य करने का निर्देश
कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण ने बताया कि वर्तमान में 10 संवेदनशील स्थलों पर बाढ़ नियंत्रण और कटाव निरोधक कार्य किया जा रहा है, जिनमें से कुछ स्थलों पर कार्य पूर्ण हो चुके हैं. जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को सभी बाढ़ निरोधी कार्य स्थलों का निरीक्षण कर पूर्ण एवं जारी कार्यों का अवलोकन करने का निदेश दिया. सभी अंचलाधिकारियों को तटबंधों का निरीक्षण कर वल्नरेबल स्थलों को चिह्नित करने को कहा गया. पुराने अनुभवों के आधार पर फीडबैक भी लिया गया.
ड्रोन सर्वे से अति संवेदनशील प्वाइंट्स पर नजर रखने की तैयारी
अति संवेदनशील बिंदुओं को चिह्नित करने के लिए ड्रोन सर्वे का उपयोग किया जा रहा है. सभी एंटी-फ्लड कंट्रोल कार्यों को हर हाल में 15 जून तक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया. रेत की बोरियों एवं अन्य बाढ़रोधी सामग्रियों का भंडारण एक जून तक सुनिश्चित करने को कहा गया. बाढ़ की स्थिति में त्वरित रिस्पांस के लिए मकेर के हैजलपुर और सोनपुर के सबलपुर में बाढ़ प्रमंडल के अस्थायी कैंप कार्यालय स्थापित करने का निदेश दिया गया.
आश्रय स्थल एवं कम्युनिटी किचन की तैयारी
सभी अंचलाधिकारियों को आश्रय स्थलों और सामुदायिक रसोई के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर सूची जिला आपदा प्रबंधन शाखा को देने का निर्देश दिया गया. सूखा राशन, राहत सामग्री और पशु चारे की आपूर्ति के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. वर्तमान में 44 प्रकार की पशु औषधियां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. सभी सड़कों के पुल-पुलियों की सफाई सुनिश्चित करने और जल प्रवाह बाधित न होने देने का भी निर्देश दिया गया. नहर प्रमंडल को तटबंधों का गहन निरीक्षण करने को कहा गया.
आकस्मिक फसल योजना पर चर्चा
बाढ़ की स्थिति में किसानों की सहायता के लिए कम अवधि की फसलों के बीज वितरण की तैयारी कृषि विभाग द्वारा की गयी है. जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आपदा प्रबंधन कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी और अधिकारियों को लगातार क्षेत्र भ्रमण करने का निर्देश दिया. बैठक में अपर समाहर्ता, कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण, ग्रामीण कार्य विभाग, नहर प्रमंडल, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी एसडीओ और सीओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े रहे.
