अपडेट नहीं है सदर अस्पताल का आइसीयू, क्रिटिकल मरीज किये जा रहे रेफर

सदर अस्पताल में आइसीयू का ठीक ढंग से संचालन नहीं हो रहा है.

छपरा. सदर अस्पताल में आइसीयू का ठीक ढंग से संचालन नहीं हो रहा है. कई व्यवस्थाओं की कमी है. जिस कारण इमरजेंसी विभाग में आये गंभीर मरीजों को उपचार के बाद तुरंत पटना रेफर कर दिया जाता है. आइसीयू के पास अपना कोई भवन नहीं है. मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट के लिए जो भवन बना है. उसी के पहले मंजिल पर एक कमरे में छह बेड का आइसीयू वैकल्पिक व्यवस्थाओं के साथ चलाया जा रहा है. अधिकतर बेड के साथ अटैच वेंटीलेटर भी ठीक ढंग से काम नहीं करता है.

आइसीयू के लिए चिकित्सकों की भी ड्यूटी निर्धारित नहीं है. जो चिकित्सक इमरजेंसी विभाग में रहते हैं. वही आइसीयू में शिफ्ट किये गये मरीज की देखभाल करते हैं. हाल ही डीएम वैभव श्रीवास्तव ने भी सदर अस्पताल का निरीक्षण किया था. जिस दौरान आइसीयू की व्यवस्थाओं को अपडेट करने से संबंधित कई गाइडलाइन दिये थे. जिसके बाद वैकल्पिक तौर पर आइसीयू को संचालित करने का प्रयास किया गया है. लेकिन जब तक चिकित्सकों की स्थायी नियुक्ति नहीं होगी. साथ ही आइसीयू का अपना भवन उपलब्ध नहीं होगा. तब तक इसके ठीक ढंग से संचालन में परेशानी आती रहेगी.

90 फीसदी गंभीर मरीज कर दिये जाते हैं रेफर

सदर अस्पताल में गंभीर स्थिति में आये लगभग सभी मरीजों को प्रारंभिक इलाज के बाद पटना रेफर कर दिया जाता है. कई मरीजों के परिजन अस्पताल में इलाज की अनियमितता को देखकर निजी अस्पताल चले जाते हैं. विगत एक माह में ही 50 से अधिक मरीजों को पटना रेफर किया गया है. इनमें से कुछ मरीज सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल आये थे. वहीं कुछ ठंड लगने के कारण ब्रेन स्ट्रोक व कुछ हार्ट अटैक से जूझते हुए सदर अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में इलाज के लिए आये थे. हाल ही में सदर अस्पताल में दम घुटने से पीड़ित मरीज गंभीर स्थिति में आये थे. जिन्हें प्रारंभिक उपचार के बाद पटना रेफर कर दिया गया. इसके बाद पटना में भी इलाज के क्रम में एक मरीज की मौत हो गयी थी. परिजनों ने उस समय आक्रोश जताते हुए कहा था कि यदि छपरा में आइसीयू की व्यवस्था बेहतर होती तो कुछ लोगों की जान बच सकती थी.

क्या कहते हैं प्रबंधक

जल्द ही आइसीयू नये भवन में शिफ्ट किया जायेगा. इस समय वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से आइसीयू का संचालन हो जा हो रहा है. इमरजेंसी विभाग के चिकित्सक ही यहां की व्यवस्थाओं को देख रहे हैं. अभी छह बेड उपलब्ध है. नये भवन में शिफ्ट होने के बाद बेड की संख्या भी बढ़ेगी. अन्य व्यवस्थाओं को भी अपग्रेड किया जायेगा.

राजेश्वर प्रसाद, प्रबंधक सदर अस्पताल, छपरा

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By ALOK KUMAR

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